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ऑनलाइन शॉपिंग में एक गलती पड़ सकती है भारी, ठगी से बचने के लिए जान लें ये तरीके

ऑनलाइन शॉपिंग में एक गलती पड़ सकती है भारी, ठगी से बचने के लिए जान लें ये तरीके

डिजिटल दौर में ऑनलाइन शॉपिंग लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। घर बैठे सामान खरीदना अब बेहद आसान हो गया है। लेकिन सुविधा के साथ साइबर ठगी का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। फर्जी वेबसाइट और नकली ऑफर के जरिए साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।

वेबसाइट की जांच जरूरी
किसी भी वेबसाइट पर अपनी जानकारी भरने से पहले उसके पते की जांच जरूर करें। सुरक्षित वेबसाइट की शुरुआत "https" से होती है और ब्राउजर में ताले का निशान दिखाई देता है। अगर वेबसाइट में केवल "http" लिखा है तो सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान वेबसाइट पर बिना जांच किए भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है।

सस्ते ऑफर से रहें सावधान
अगर कोई महंगा सामान बेहद कम कीमत पर दिखाया जा रहा है तो सतर्क हो जाना चाहिए। जैसे लाखों की कीमत वाला मोबाइल कुछ हजार में मिलने का दावा अक्सर लोगों को फंसाने के लिए किया जाता है। साइबर ठग आकर्षक ऑफर और विज्ञापन के जरिए लोगों को अपने जाल में खींचते हैं और फिर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।

आधिकारिक मंच का करें उपयोग
ऑनलाइन खरीदारी करते समय कोशिश करें कि भरोसेमंद और आधिकारिक मंच का ही इस्तेमाल करें। बड़ी और पहचान वाली खरीदारी सेवाओं पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है। अनजान लिंक या सोशल मीडिया पर मिले संदिग्ध विज्ञापनों से सीधे खरीदारी करने से बचना चाहिए। इससे साइबर ठगी का खतरा कम हो सकता है।

भुगतान करते समय बरतें सावधानी
नई या कम परिचित वेबसाइट से खरीदारी करते समय कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प बेहतर माना जाता है। इससे अगर वेबसाइट फर्जी निकलती है तो सीधे पैसे कटने का जोखिम कम रहता है। साथ ही भुगतान करते समय बैंक या कार्ड से जुड़ी जानकारी सोच-समझकर साझा करनी चाहिए।

ठगी होने पर क्या करें
अगर किसी तरह की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाएं तो घबराने के बजाय तुरंत बैंक से संपर्क करें और कार्ड ब्लॉक करवाएं। इसके साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय पर कार्रवाई से नुकसान कम किया जा सकता है।

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