उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी से हलचल तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर पर तीखा हमला बोल दिया। आजमगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अनिल राजभर को राजनीति में नया और अनुभवहीन बताया। उनके इस बयान के बाद सियासी माहौल अचानक गरमा गया है और दोनों नेताओं के बीच तनातनी फिर खुलकर सामने आ गई है।
वर्चस्व की लड़ाई आई सामने
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद केवल बयानबाजी नहीं बल्कि वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा है। एक तरफ भाजपा अनिल राजभर के जरिए राजभर समाज में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर ओम प्रकाश राजभर पूर्वांचल में लंबे समय से पिछड़े वर्ग के बड़े नेता माने जाते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच टकराव का असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है।
समाजवादी पार्टी पर भी तीखा प्रहार
इस दौरान ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा आज भी अपराधियों को संरक्षण देने वाली पार्टी बनी हुई है। हाल ही में एक अस्पताल में सपा विधायक के गनर द्वारा हथियार लहराने के मामले को लेकर उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की। राजभर ने कहा कि केवल गनर ही नहीं, बल्कि संबंधित विधायक की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सपा की कार्यशैली और कानून व्यवस्था को लेकर उसकी मानसिकता पर भी सवाल उठाए।
पंचायत चुनाव पर दिया साफ संदेश
पंचायत चुनाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और सरकार न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि चुनाव की तैयारियां पूरी तरह से चल रही हैं और संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
आने वाले समय में बढ़ सकती है सियासी हलचल
ओम प्रकाश राजभर के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि सरकार के भीतर भी मतभेद उभर रहे हैं। आने वाले समय में यह टकराव और तेज हो सकता है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इस बयानबाजी का आगे क्या असर पड़ता है और क्या यह विवाद और बड़ा रूप लेता है।
