देश में परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को एकीकृत करने की दिशा में बड़ा कदम, ITLA को कैबिनेट की मंजूरी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को अधिक समन्वित और डेटा आधारित बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में Integrated Transport & Logistics Authority (ITLA) के गठन को मंजूरी दी गई है। इसे परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े क्षेत्रों में योजना, शोध, परियोजना मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख संस्था के रूप में विकसित किया जाएगा।
सड़क से लेकर रेलवे और बंदरगाह तक एकीकृत योजना
सरकार के मुताबिक, परिवहन से जुड़े अलग-अलग मंत्रालयों और एजेंसियों में योजना एवं क्रियान्वयन के बीच तालमेल की कमी को दूर करना ITLA के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। नई व्यवस्था के तहत सड़क, रेलवे, बंदरगाह एवं शिपिंग, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स को एक व्यापक योजना के तहत देखा जाएगा।
10 साल या उससे अधिक अवधि की बनेगी राष्ट्रीय परिवहन योजना
ITLA एक व्यापक National Transport Master Plan तैयार करेगा, जिसकी योजना अवधि 10 वर्ष या उससे अधिक होगी। इसके साथ करीब पांच साल की क्षेत्रीय योजनाओं और परिवहन मंत्रालयों की वार्षिक योजनाओं की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि वे दीर्घकालिक राष्ट्रीय योजना के अनुरूप रहें और मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिले।
₹500 करोड़ या उससे अधिक की परियोजनाओं पर तकनीकी मूल्यांकन
नई अथॉरिटी केंद्र सरकार की ₹500 करोड़ या उससे अधिक लागत वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगी। इन परियोजनाओं की वित्तीय समीक्षा मौजूदा व्यवस्था के तहत ही जारी रहेगी। ITLA ऐसी बड़ी परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी और उनके पूरा होने के बाद उनके वास्तविक प्रभाव का आकलन भी करेगा।
एक जगह जुटेगा परिवहन से जुड़ा बड़ा डेटा
ITLA के तहत National Transport Data Repository (NTDR) तैयार किया जाएगा। इसमें GSTN के ई-वे बिल, FASTag, Vahan, GPS आधारित सिस्टम और शहरी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसे अलग-अलग स्रोतों से परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा डेटा एकीकृत किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस डेटा का इस्तेमाल माल की आवाजाही और परिवहन मार्गों के विश्लेषण सहित बेहतर योजना और परियोजना निगरानी में किया जा सकेगा।
लॉजिस्टिक्स नीति और कौशल विकास पर भी रहेगा फोकस
ITLA राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022 की समीक्षा और आवश्यक अपडेट में भी सरकार को सलाह देगा। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रशिक्षण, स्किलिंग, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी भी संस्था के दायरे में होगी।
Vision 2047 से जोड़ा गया फैसला
केंद्र सरकार के अनुसार, ITLA के गठन से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर की दक्षता बढ़ाने और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मदद मिल सकती है। सरकार ने इसे Vision 2047 के तहत भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण संस्थागत कदम बताया है।
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