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GST कलेक्शन में रिकॉर्ड उछाल: अक्टूबर में सरकारी खजाने में आए ₹2.31 लाख करोड़, यूपी की कमाई में 24% की बढ़ोतरी

GST कलेक्शन में रिकॉर्ड उछाल: अक्टूबर में सरकारी खजाने में आए ₹2.31 लाख करोड़, यूपी की कमाई में 24% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था और कारोबार से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। अक्टूबर महीने में वस्तु एवं सेवा कर यानी GST से सरकार को रिकॉर्ड स्तर पर राजस्व प्राप्त हुआ है। वित्त मंत्रालय की ओर से रविवार, 1 नवंबर को जारी अनंतिम आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में देश का सकल GST कलेक्शन बढ़कर ₹2,31,290 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा ₹1,88,125 करोड़ था। यानी एक साल के भीतर GST राजस्व में 22.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इस बढ़ोतरी की खास बात यह है कि घरेलू बाजार से होने वाली टैक्स प्राप्तियों के साथ-साथ आयात से मिलने वाले राजस्व में भी बड़ी तेजी आई है। आयात से जुड़े GST कलेक्शन में 42.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि घरेलू कारोबार से मिलने वाले टैक्स में 15.8 प्रतिशत का इजाफा हुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक, ये आंकड़े त्योहारी सीजन में बाजार की गतिविधियों और टैक्स संग्रह की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण संकेत देते हैं।



चार महीने से लगातार ₹2 लाख करोड़ के पार GST कलेक्शन

अक्टूबर का GST कलेक्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वित्त वर्ष 2026-27 में लगातार चौथे महीने देश का कुल GST राजस्व ₹2 लाख करोड़ के आंकड़े से ऊपर रहा है। अक्टूबर में प्राप्त ₹2.31 लाख करोड़ का सकल राजस्व जुलाई 2017 में GST व्यवस्था लागू होने के बाद के सबसे ऊंचे मासिक आंकड़ों में शामिल है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में सकल GST कलेक्शन करीब ₹1.88 लाख करोड़ था, जो इस साल बढ़कर ₹2.31 लाख करोड़ हो गया। इस बढ़ोतरी से केंद्र और राज्य सरकारों के राजस्व में मजबूती का संकेत मिलता है। हालांकि, किसी एक महीने के टैक्स कलेक्शन को पूरी अर्थव्यवस्था की स्थिति का अंतिम पैमाना नहीं माना जा सकता। इसके लिए उत्पादन, रोजगार, निवेश, महंगाई और उपभोक्ता मांग जैसे दूसरे संकेतकों को भी देखना जरूरी होता है।

आयात से होने वाली कमाई में सबसे तेज बढ़ोतरी

अक्टूबर के GST आंकड़ों में सबसे ज्यादा ध्यान आयात से जुड़े टैक्स राजस्व ने खींचा है। इस मद में सरकार को ₹72,246 करोड़ मिले, जबकि पिछले साल इसी महीने यह रकम ₹50,796 करोड़ थी। इस तरह आयात से प्राप्त GST में 42.2 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई।

दूसरी ओर, देश के भीतर होने वाली बिक्री और कारोबारी गतिविधियों से प्राप्त GST राजस्व 15.8 प्रतिशत बढ़कर ₹1,59,044 करोड़ पहुंच गया। इससे पता चलता है कि कुल टैक्स वृद्धि में घरेलू बाजार के साथ आयात का भी बड़ा योगदान रहा है।

हालांकि, आयात से मिलने वाले टैक्स में बढ़ोतरी का अर्थ केवल यह नहीं है कि देश में विदेशी सामान की खपत बढ़ गई है। इसमें कच्चे माल, मशीनरी और उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले अन्य उत्पादों के आयात का भी योगदान हो सकता है। उपलब्ध आंकड़े अपने आप में यह स्पष्ट नहीं करते कि वृद्धि की कितनी हिस्सेदारी आयात की मात्रा और कितनी कीमतों में बदलाव से आई है।



रिफंड के बाद भी सरकार को ₹2.03 लाख करोड़ का राजस्व

GST व्यवस्था में कारोबारियों और निर्यातकों को नियमों के तहत टैक्स रिफंड भी दिया जाता है। इसलिए सरकार के सकल कलेक्शन के साथ रिफंड के बाद बचने वाली वास्तविक रकम पर नजर रखना भी जरूरी है।

अक्टूबर 2026 में कुल GST रिफंड ₹27,934 करोड़ रहा, जो पिछले साल अक्टूबर के मुकाबले 6.5 प्रतिशत अधिक है। रिफंड की रकम घटाने के बाद सरकार का शुद्ध GST राजस्व ₹2,03,356 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह लगभग ₹1.62 लाख करोड़ था। इस तरह शुद्ध राजस्व में 25.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सकल कलेक्शन के मुकाबले शुद्ध राजस्व में ज्यादा तेजी का एक कारण यह भी रहा कि रिफंड की वृद्धि दर कुल टैक्स संग्रह की वृद्धि दर से काफी कम रही।


उत्तर प्रदेश के GST राजस्व में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी

अक्टूबर के आंकड़ों में उत्तर प्रदेश के लिए भी सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। राज्य में घरेलू GST राजस्व में सालाना आधार पर 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अक्टूबर 2026 में उत्तर प्रदेश का घरेलू GST कलेक्शन ₹10,235 करोड़ रहा।

यह आंकड़ा राज्य में कारोबार, बिक्री और टैक्स संग्रह की गतिविधियों में बढ़ोतरी की ओर इशारा करता है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े उपभोक्ता और कारोबारी बाजार में GST राजस्व का बढ़ना सरकार के लिए अहम है। इससे राज्य के राजस्व संसाधनों को मजबूती मिल सकती है।

देश के प्रमुख राज्यों में महाराष्ट्र सबसे बड़ा घरेलू GST योगदानकर्ता रहा। महाराष्ट्र का कलेक्शन ₹35,150 करोड़ रहा, जिसमें 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कर्नाटक में 18 प्रतिशत और गुजरात में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, असम में 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो प्रमुख राज्यों में सबसे तेज बढ़ोतरी में शामिल रही।



अप्रैल से अक्टूबर तक कितना रहा GST कलेक्शन?

चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों यानी अप्रैल से अक्टूबर के दौरान भी GST राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अवधि में देश का सकल GST कलेक्शन बढ़कर लगभग ₹14.77 लाख करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह करीब ₹13.05 लाख करोड़ था। इस तरह सात महीने के दौरान सकल राजस्व में 13.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

वहीं, अप्रैल से अक्टूबर के बीच रिफंड के बाद शुद्ध GST राजस्व लगभग ₹12.69 लाख करोड़ रहा। इसमें पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 12.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ये आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर की तेजी केवल एक महीने तक सीमित नहीं है, बल्कि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती सात महीनों में भी टैक्स संग्रह में लगातार वृद्धि बनी हुई है।



क्या मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत है GST में बढ़ोतरी?

GST कलेक्शन में वृद्धि को आमतौर पर कारोबार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जाता है। जब बाजार में बिक्री बढ़ती है, कंपनियों का कारोबार बढ़ता है और वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद-बिक्री में तेजी आती है, तो टैक्स संग्रह पर भी उसका असर दिखाई दे सकता है।

अक्टूबर का महीना त्योहारी खरीदारी और कारोबारी गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। ऐसे में घरेलू GST राजस्व में 15.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी को बाजार की गतिविधियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। हालांकि, आयात से जुड़े राजस्व में घरेलू संग्रह के मुकाबले कहीं अधिक तेजी होने के कारण इन आंकड़ों का संतुलित विश्लेषण जरूरी है।

कुल मिलाकर अक्टूबर 2026 के GST आंकड़े केंद्र और राज्य सरकारों के लिए राजस्व के मोर्चे पर राहत देने वाले हैं। उत्तर प्रदेश में भी 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी राज्य के कारोबारी परिदृश्य के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अब आने वाले महीनों में यह देखना होगा कि त्योहारी सीजन के बाद भी टैक्स संग्रह की यह रफ्तार कायम रहती है या नहीं।

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