हाथ-पैरों में अचानक दर्द या खिंचाव महसूस होना आमतौर पर मांसपेशियों की ऐंठन कहलाता है। इसे चिकित्सा भाषा में मांसपेशी संकुचन भी कहा जाता है। इसमें मांसपेशियां अचानक सिकुड़ जाती हैं, जिससे तेज दर्द और असहजता होती है। कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार ऐसा होना शरीर के अंदर किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।
विटामिन और पोषक तत्वों की कमी बड़ा कारण
ऐंठन का सबसे बड़ा कारण शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होता है। खासतौर पर विटामिन डी, कैल्शियम और विटामिन बी12 की कमी से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इससे हाथ, पैर, पिंडलियों और यहां तक कि आंखों की पलकों में भी ऐंठन महसूस हो सकती है। अगर शरीर को सही पोषण नहीं मिलता तो यह समस्या बढ़ सकती है।
डिहाइड्रेशन और गलत लाइफस्टाइल भी जिम्मेदार
शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी ऐंठन का बड़ा कारण है। जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता, तो मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द बढ़ जाता है। इसके अलावा ज्यादा चाय-कॉफी पीना, धूम्रपान करना या तंबाकू का सेवन भी मांसपेशियों को प्रभावित करता है और ऐंठन की समस्या बढ़ा सकता है।
तनाव और ज्यादा मेहनत का असर
ज्यादा तनाव लेने से भी शरीर की नसों पर असर पड़ता है, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन होने लगती है। वहीं, अधिक शारीरिक मेहनत या व्यायाम के बाद भी मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड जमा हो जाता है, जिससे दर्द और ऐंठन महसूस होती है। यह समस्या खासतौर पर पैरों और पीठ में ज्यादा देखने को मिलती है।
ऐंठन से राहत पाने के आसान उपाय
इस समस्या से बचने के लिए संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है। अपने खाने में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें। दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। हल्का व्यायाम और स्ट्रेचिंग करने से भी मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और ऐंठन कम होती है। साथ ही पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है
अगर ऐंठन बार-बार हो रही है, लंबे समय तक बनी रहती है या बहुत ज्यादा दर्द देती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह तंत्रिका तंत्र से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, ताकि सही समय पर इलाज किया जा सके।
