logo

BREAKING NEWS
हर फिल्म में वही गंभीर चेहरा! 'गवर्नर' के बाद मनोज बाजपेयी की रोल चॉइस पर बहस तेज

हर फिल्म में वही गंभीर चेहरा! 'गवर्नर' के बाद मनोज बाजपेयी की रोल चॉइस पर बहस तेज

मनोज बाजपेयी ने हाल ही में कहा था कि वह मसाला फिल्मों में काम करना चाहते हैं, जहां उन्हें नाचने, गाने और कॉमेडी करने का मौका मिले। लेकिन उनकी नई फिल्म गवर्नर देखने के बाद लगता है कि वह अभी भी गंभीर और जिम्मेदार किरदारों की छवि से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाए हैं। इस फिल्म में भी उनका रोल पहले निभाए गए कई किरदारों जैसा ही नजर आता है।

यश चोपड़ा वाला दिलचस्प किस्सा

फिल्म के प्रमोशन के दौरान मनोज बाजपेयी ने एक पुराना किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि वीर-जारा में कैमियो करने के बाद उन्होंने यश चोपड़ा से पूछा था कि उन्हें मुख्य भूमिका कब मिलेगी। इस पर यश चोपड़ा ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि वह मनोज जैसे कलाकारों के लिए फिल्में नहीं बनाते। इस किस्से से यह भी पता चलता है कि मनोज के मन में अलग तरह के किरदार निभाने की इच्छा हमेशा रही है।

1991 के आर्थिक संकट की कहानी

गवर्नर की कहानी 1990-91 के उस दौर पर आधारित है, जब भारत गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था। विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से घट रहा था, तेल संकट गहरा रहा था और देश की अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर में थी। ऐसे समय में आरबीआई गवर्नर और वित्त मंत्रालय के फैसलों ने देश को संकट से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई थी।

सोना गिरवी रखने का सच

फिल्म में उस ऐतिहासिक घटना को भी दिखाया गया है, जब भारत को विदेशी कर्ज हासिल करने के लिए अपना सोना गिरवी रखना पड़ा था। साथ ही उदारीकरण और निजीकरण जैसे बड़े आर्थिक फैसलों को भी आसान तरीके से समझाया गया है। यही वजह है कि फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं करती, बल्कि देश के आर्थिक इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारी भी देती है।

मनोज का दमदार प्रदर्शन

फिल्म में मनोज बाजपेयी ने आरबीआई के तत्कालीन गवर्नर से प्रेरित ए. रामानन का किरदार निभाया है। उन्होंने इस भूमिका को बेहद गंभीरता और आत्मविश्वास के साथ निभाया है। आर्थिक संकट के बीच भी उनका किरदार शांत और संतुलित नजर आता है। उनके अभिनय की तारीफ हर तरफ हो रही है और यह फिल्म उनके करियर की यादगार फिल्मों में शामिल हो सकती है।

फिर दिखा पुराना मिजाज

हालांकि अभिनय शानदार है, लेकिन उनके किरदार का स्वभाव सिर्फ एक बंदा काफी है, भैया जी और इंस्पेक्टर झेंडे जैसी फिल्मों से काफी मिलता-जुलता लगता है। एक ईमानदार, दृढ़ और सिस्टम से लड़ने वाला नायक, मनोज बार-बार इसी तरह के रोल में दिखाई दे रहे हैं। इससे उनके किरदारों में कुछ हद तक दोहराव महसूस होता है।

'द फैमिली मैन' ने बदली पहचान

मनोज बाजपेयी की छवि में सबसे बड़ा बदलाव द फैमिली मैन वेब सीरीज से आया था। इस शो में उन्होंने गंभीरता के साथ हास्य और पारिवारिक भावनाओं को भी बखूबी दिखाया। इस किरदार ने उन्हें नए दर्शकों तक पहुंचाया और उनकी लोकप्रियता को एक नया आयाम दिया।

क्या अब बदलेगा मनोज का सफर?

मनोज बाजपेयी भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिभाशाली कलाकारों में गिने जाते हैं। गवर्नर में उन्होंने एक बार फिर अपनी अभिनय क्षमता साबित की है, लेकिन अब दर्शक उन्हें कुछ नए और अलग अंदाज में भी देखना चाहते हैं। अगर वह हल्के-फुल्के या पूरी तरह कमर्शियल किरदारों की ओर कदम बढ़ाते हैं, तो यह उनके करियर का एक दिलचस्प नया अध्याय साबित हो सकता है।

Leave Your Comment