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मलमास खत्म, शुभ कार्यों की खुली राह, 25 जुलाई से पहले निपटा लें जरूरी काम

मलमास खत्म, शुभ कार्यों की खुली राह, 25 जुलाई से पहले निपटा लें जरूरी काम

हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ अधिकमास यानी मलमास 17 मई से शुरू हुआ था और अब 15 जून 2026 को इसका समापन हो जाएगा। अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। इस पूरे महीने में पूजा-पाठ, दान, जप और साधना को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। इसलिए लाखों लोग इसके समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं।

19 जून से फिर शुरू होंगे मांगलिक कार्य

मलमास समाप्त होने के बाद 19 जून से शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जून महीने में विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। 19, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28 और 29 जून को विवाह के लिए अच्छे मुहूर्त बताए गए हैं। ऐसे में जिन परिवारों के विवाह या अन्य मांगलिक कार्यक्रम रुके हुए थे, उनके लिए यह राहत की खबर है।

जुलाई में भी मिलेंगे कुछ खास मुहूर्त

जून के बाद जुलाई महीने में भी कुछ शुभ तिथियां उपलब्ध रहेंगी। ज्योतिष गणना के अनुसार 1 जुलाई, 6 जुलाई, 7 जुलाई और 11 जुलाई को विवाह और अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं। हालांकि इसके बाद मांगलिक कार्यों के लिए अवसर सीमित हो जाएंगे। इसलिए पंडित और ज्योतिष विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि यदि कोई महत्वपूर्ण शुभ कार्य लंबित है तो उसे जुलाई के पहले पखवाड़े तक पूरा कर लेना चाहिए।

25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास की शुरुआत होगी। यह अवधि देवशयनी एकादशी से शुरू होकर देवउठनी एकादशी तक चलती है। मान्यता है कि इस दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी वजह से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ संस्कार नहीं किए जाते। चातुर्मास लगभग चार महीने तक चलता है और इस दौरान धार्मिक साधना, व्रत और पूजा-पाठ का महत्व बढ़ जाता है।

20 नवंबर तक रहेगा प्रतिबंध

पंचांग के अनुसार इस बार चातुर्मास 25 जुलाई से शुरू होकर 20 नवंबर 2026 तक चलेगा। यानी लगभग 119 दिनों तक शुभ और मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। इस दौरान केवल धार्मिक अनुष्ठान और व्रत-त्योहारों का आयोजन किया जाएगा। विवाह और अन्य बड़े पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए लोगों को देवउठनी एकादशी तक इंतजार करना पड़ सकता है।

अभी है शुभ कार्यों के लिए सुनहरा मौका

धार्मिक जानकारों का कहना है कि 15 जून से 25 जुलाई के बीच का समय इस वर्ष शुभ कार्यों के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवधि होगी। यही कारण है कि विवाह, गृह प्रवेश, सगाई और अन्य मांगलिक आयोजनों की तैयारियां तेज हो गई हैं। यदि आपके परिवार में भी कोई शुभ कार्य प्रस्तावित है तो चातुर्मास शुरू होने से पहले उसे पूरा करने का यह सबसे उपयुक्त समय माना जा रहा है।

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