गुजरात की राजनीति में गुरुवार को बड़ा उलटफेर हुआ। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के सभी 16 मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर उठाया गया है, जो राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर मंत्रिमंडल का पुनर्गठन करने का हिस्सा है। वर्तमान मंत्रिमंडल में सीएम पटेल के अलावा 8 कैबिनेट रैंक के और 8 राज्य मंत्री (मिनिस्टर ऑफ स्टेट) शामिल थे।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल आज रात राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात कर मंत्रिपरिषद के सामूहिक इस्तीफे सौंपेंगे। इसके बाद शुक्रवार सुबह 11:30 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में नई कैबिनेट के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गुजरात प्रभारी सीआर पाटिल और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। राज्यपाल आचार्य देवव्रत स्वयं शपथ दिलाएंगे।
इस्तीफे का कारण क्या?
गुरुवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में सीएम पटेल ने सभी मंत्रियों को केंद्रीय नेतृत्व के फैसले से अवगत कराया। पार्टी आलाकमान ने 'नो रिपीट' पॉलिसी अपनाते हुए पुरानी कैबिनेट को भंग करने का निर्णय लिया है, जो 2021 में विजय रूपाणी सरकार के पतन के समय भी देखा गया था। उस समय भी पूरे मंत्रिमंडल को इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके बाद भूपेंद्र पटेल को सीएम बनाया गया था।
इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य नई और युवा चेहरों को मौका देना है। वर्तमान कैबिनेट में कई मंत्रियों पर प्रदर्शन न करने या विवादास्पद मामलों के आरोप लगे हैं। सूत्र बताते हैं कि 8 से 10 मौजूदा मंत्रियों को हटाया जा सकता है, जबकि 10 से 15 नए विधायकों को शामिल किया जाएगा। इससे मंत्रिमंडल का आकार 22-23 तक बढ़ सकता है। यह बदलाव क्षेत्रीय संतुलन (सौराष्ट्र, उत्तर, मध्य और दक्षिण गुजरात), जातिगत समीकरण (पटेल, ओबीसी, आदिवासी, दलित) और युवा नेतृत्व को मजबूत करने पर केंद्रित है।
कौन-कौन हो सकते हैं नए चेहरे?
- हर्ष सांघवी: वर्तमान राज्य मंत्री को कैबिनेट रैंक पर प्रमोशन मिल सकता है।
- रिवाबा जडेजा: पूर्व क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी और पहली बार विधायक रिवाबा को सौराष्ट्र क्षेत्र से जगह मिलने की प्रबल संभावना।
- अर्जुन मोडवाडिया: पूर्व कांग्रेसी नेता, अब भाजपा में शामिल।
- जयेश रडाड़िया: सौराष्ट्र से।
- डॉ. दर्शिता शाह: युवा चेहरा।
- महेश कसवाला, हीरा सोलंकी, उदय कांगड़: अन्य संभावित नाम।
- दक्षिण गुजरात से मुकेश पटेल या केयूर रोकड़िया, उत्तर गुजरात से भीखूभाई खाबड़ जैसे नामों पर विचार।
हालांकि, आधिकारिक नामों की घोषणा शपथ से ठीक पहले होगी। नए प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा को 'एक व्यक्ति, एक पद' नीति के तहत सहकारिता मंत्री पद से इस्तीफा देना होगा, जिससे वहां नया चेहरा आएगा।
यह फेरबदल दीवाली से ठीक पहले हो रहा है, जो भाजपा की रणनीति का हिस्सा लगता है। राज्य में आगामी नगर निगम, जिला और तालुका पंचायत चुनावों से पहले पार्टी अपनी छवि को तरोताजा करना चाहती है। दिल्ली में हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई बैठक में अमित शाह, जेपी नड्डा, सीआर पाटिल और सीएम पटेल ने इसकी रूपरेखा तैयार की थी। जेपी नड्डा गुरुवार शाम गुजरात पहुंच चुके हैं और सीएम पटेल के साथ चर्चा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भाजपा को युवा और क्षेत्रीय नेताओं के जरिए मजबूत आधार देगा। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 156 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, और अब 2027 की तैयारी में यह फेरबदल रणनीतिक महत्व रखता है।



