लोकनीति-CSDS के सह-निदेशक और प्रमुख चुनाव विश्लेषक संजय कुमार ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के संबंध में गलत डेटा साझा करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। संजय कुमार ने कहा- मैं महाराष्ट्र चुनावों के संबंध में किए गए ट्वीट्स के लिए ईमानदारी से माफी मांगता हूं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब संजय कुमार ने 17 अगस्त 2024 को अपने आधिकारिक X हैंडल (@sanjaycsds) पर एक पोस्ट में दावा किया कि महाराष्ट्र की कुछ विधानसभा सीटों पर 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में असामान्य कमी और वृद्धि देखी गई। इस डेटा को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग (ECI) पर "वोट चोरी" का आरोप लगाने के लिए इस्तेमाल किया। हालांकि, 19 अगस्त 2025 को संजय कुमार ने अपनी पोस्ट हटाकर माफी मांगी, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी डेटा टीम ने आंकड़ों का गलत विश्लेषण किया था।
संजय कुमार का दावा
संजय कुमार ने अपनी मूल पोस्ट में दावा किया था कि महाराष्ट्र की रामटेक विधानसभा सीट पर 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या 4,66,203 थी, जो विधानसभा चुनाव में घटकर 2,86,931 रह गई, यानी लगभग 38.45% की कमी। इसी तरह, देवलाली विधानसभा सीट पर लोकसभा चुनाव में 4,56,072 मतदाता थे, जो विधानसभा चुनाव में घटकर 2,88,141 रह गए, यानी 36.82% की कमी। इसके अलावा, उन्होंने नासिक पश्चिम में 47.38% और हिंगना में 43.08% मतदाता वृद्धि का दावा किया था। इन आंकड़ों को विपक्ष ने मतदाता सूची में हेराफेरी के सबूत के रूप में प्रचारित किया।
संजय कुमार मे मांगी माफी
19 अगस्त 2025 को, संजय कुमार ने X पर एक पोस्ट में माफी मांगते हुए कहा, "मैं महाराष्ट्र चुनावों के संबंध में किए गए ट्वीट्स के लिए ईमानदारी से माफी मांगता हूं। 2024 के लोकसभा और विधानसभा डेटा की तुलना में गलती हुई। हमारी डेटा टीम ने पंक्ति में लिखे आंकड़ों को गलत पढ़ लिया था। संबंधित ट्वीट को हटा दिया गया है। मेरा कोई इरादा गलत जानकारी फैलाने का नहीं था।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गलती उनकी डेटा टीम द्वारा आंकड़ों के गलत विश्लेषण के कारण हुई थी। इस माफी के बाद, संजय कुमार ने अपनी मूल पोस्ट को हटा दिया।
संजय कुमार की माफी ने भारतीय राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस घटना का लाभ उठाते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने X पर लिखा, "जिस संस्थान (CSDS) के डेटा का इस्तेमाल राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के मतदाताओं को बदनाम करने के लिए किया, उसने अब स्वीकार किया है कि उसके आंकड़े गलत थे। यह सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं, बल्कि बिहार के विशेष गहन संशोधन (SIR) पर भी लागू होता है।" बीजेपी ने संजय कुमार को "लापरवाह" और "पूर्वग्रहदूषित" बताते हुए उन पर विपक्ष के "झूठे नैरेटिव" को हवा देने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने इस माफी के बावजूद अपनी स्थिति बरकरार रखी। पार्टी प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा, "CSDS हमारे डेटा का केवल एक स्रोत था। हमने इसे अपने कार्यकर्ताओं और महाराष्ट्र में एकजुट होकर चुनाव लड़ने वाले विपक्ष से प्राप्त सबूतों के साथ पुष्टि की है। संजय कुमार ने माफी क्यों मांगी, यह उनकी समस्या है, हमारी नहीं।" कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि उनके पास अन्य स्रोतों से मतदाता सूची में हेराफेरी के सबूत हैं।
चुनाव आयोग का रुख
चुनाव आयोग ने विपक्ष के "वोट चोरी" के आरोपों को खारिज करते हुए इसे आधारहीन करार दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "अगर समय रहते मतदाता सूचियों में त्रुटियां साझा न की जाएं और वोट चोरी जैसे गलत शब्दों का इस्तेमाल करके जनता को गुमराह करने की कोशिश की जाए, तो यह भारत के संविधान का अपमान है।" उन्होंने राहुल गांधी से अपने दावों के लिए हलफनामा देने या देश से माफी मांगने की मांग की। आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप बिना ठोस सबूत के लगाए जा रहे हैं, जो मतदाताओं के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास है।
विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP), ने मतदाता सूची में हेराफेरी के आरोपों को आगे बढ़ाया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 7 अगस्त 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए ECI पर वोटर लिस्ट में हेराफेरी का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में पांच महीनों में 1 करोड़ से अधिक नए मतदाता जोड़े गए, जो सामान्य पांच साल की अवधि से कहीं ज्यादा है। AAP सांसद संजय सिंह ने भी दिल्ली में मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों के पते पर दर्जनों फर्जी वोट बनाए जाने की बात कही।



