तेलंगाना की राजनीति में 2 सितंबर 2025 को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने अपनी बेटी और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के. कविता को पार्टी से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई कविता की कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों और उनके हालिया बयानों के कारण की गई, जिन्हें पार्टी नेतृत्व ने संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला माना। इस फैसले ने न केवल बीआरएस के भीतर बल्कि तेलंगाना की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है।
बीआरएस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि के. कविता की हालिया गतिविधियां और बयानबाजी पार्टी के हितों के खिलाफ थीं। पार्टी के अनुसार, कविता ने वरिष्ठ नेताओं की सार्वजनिक आलोचना की और पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता को बढ़ावा दिया। विशेष रूप से, कविता ने अपने चचेरे भाई टी. हरीश राव और पूर्व सांसद मेघा कृष्ण रेड्डी पर उनके पिता केसीआर की छवि को भ्रष्टाचार के आरोपों से खराब करने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि कुछ नेता बीआरएस को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में विलय करने की साजिश रच रहे हैं, जिसे उन्होंने विचारधारा से समझौता करार दिया।
कविता ने हाल ही में एक पत्र में केसीआर से बीजेपी के खिलाफ और सख्त रुख अपनाने की मांग की थी, जो लीक हो गया और विवाद का कारण बना। इस पत्र में उन्होंने लिखा, "पापा, आपको बीजेपी के खिलाफ और तीखा बोलना चाहिए था। मुझे बीजेपी के कारण व्यक्तिगत रूप से काफी कष्ट झेलना पड़ा है।" इस पत्र के लीक होने पर कविता ने सवाल उठाया कि इसे किसने सार्वजनिक किया, और पार्टी के भीतर कुछ नेताओं पर संगठन को कमजोर करने का आरोप लगाया।
कविता का पक्ष
के. कविता ने अपने निलंबन से पहले पार्टी के भीतर चल रही साजिशों का खुलासा किया था। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ पार्टी नेतृत्व में कुछ लोग, विशेष रूप से हरीश राव और जोगिनपल्ली संतोष कुमार, साजिश रच रहे हैं। कविता ने यह भी कहा कि उनके पिता केसीआर को कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं के लिए गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, और वे सीबीआई जांच में बेदाग साबित होंगे। उन्होंने अपने बयानों में कहा, "मुझे दुख होता है कि बेटी के नाते पिता को यह सामना करना पड़ रहा है।"
इसके अलावा, कविता को 22 अगस्त 2025 को तेलंगाना बोग्गु गनी कर्मिका संगम (टीबीजीकेएस) के अध्यक्ष पद से अचानक हटा दिया गया था, जब वे विदेश यात्रा पर थीं। उन्होंने इस कदम को राजनीति से प्रेरित और श्रम कानूनों का उल्लंघन बताया था। कविता ने कहा कि उनकी जानकारी के बिना पार्टी कार्यालय में चुनाव कराए गए, जिसके लिए उन्होंने पार्टी के कामकाज पर सवाल उठाए।
कालेश्वरम प्रोजेक्ट विवाद
कविता का निलंबन उस समय हुआ है, जब तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच का ऐलान किया। कविता ने इस जांच को केसीआर की छवि को कम करने की साजिश बताया और दावा किया कि हरीश राव और संतोष कुमार को मौजूदा सरकार बचा रही है। बीआरएस नेताओं ने इस जांच को पार्टी प्रमुख पर सुनियोजित हमला करार दिया।
परिवार में दरार
कविता के निलंबन ने बीआरएस के भीतर और केसीआर के परिवार में गहरे मतभेदों को उजागर कर दिया है। कविता के भाई और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, जबकि हरीश राव ने कविता के आरोपों को अफवाह करार दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निलंबन केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि परिवार और पार्टी के बीच गहरे टकराव का परिणाम है।
कविता ने पहले भी बीआरएस की पिछड़ी वर्ग (बीसी) आरक्षण नीति पर असहमति जताई थी और 2023 में पार्टी की हार के बाद खुलकर आलोचना की थी, जिसे नेतृत्व ने अनुशासनहीनता माना। उनके बीजेपी के साथ गठजोड़ के विरोध ने भी पार्टी के भीतर तनाव को बढ़ाया।
विपक्ष ने कंसा तंज
कांग्रेस सांसद मंदादी अनिल कुमार यादव ने इस घटना पर तंज कसते हुए कहा कि यह बीआरएस और केसीआर के परिवार का "नाटक" है, जिसका मकसद पार्टी का अगला अध्यक्ष चुनना है। उन्होंने दावा किया कि बीआरएस ने तेलंगाना को लूटा और अब परिवार के भीतर सत्ता की लड़ाई चल रही है।



