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जॉली एलएलबी 3 फिल्म रिव्यू: कोर्टरूम का धमाल, किसानों का दर्द और दो जॉली का तूफान

जॉली एलएलबी 3 फिल्म रिव्यू: कोर्टरूम का धमाल, किसानों का दर्द और दो जॉली का तूफान

बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय कोर्टरूम कॉमेडी सीरीज 'जॉली एलएलबी' की तीसरी कड़ी आज सिनेमाघरों में धमाल मचा रही है। निर्देशक सुभाष कपूर की इस फिल्म में पहली बार अक्षय कुमार और अरशद वारसी के दो 'जॉली' एक-दूसरे के खिलाफ आमने-सामने हैं। यह फ्रेंचाइजी का सबसे मजेदार और इमोशनल चैप्टर साबित हो रही है?

'जॉली एलएलबी' सीरीज की शुरुआत 2013 में हुई थी, जब अरशद वारसी ने जॉली तिग्गी का किरदार निभाया और फिल्म ने कानूनी सिस्टम पर तीखा कटाक्ष किया। 2017 में आई 'जॉली एलएलबी 2' में अक्षय कुमार ने जॉली मिश्रा बनकर सीरीज को नई ऊंचाई दी। अब 2025 में 'जॉली एलएलबी 3' के साथ दोनों जॉली का क्रॉसओवर हो गया है। फिल्म 19 सितंबर को रिलीज हुई है और पहले ही दिन से एडवांस बुकिंग में 75,000 से ज्यादा टिकट बिक चुके हैं। रनटाइम 2 घंटे 37 मिनट है, और CBFC ने इसे UA 16+ सर्टिफिकेट दिया है।

ट्रेलर ने यूट्यूब पर 13 करोड़ से ज्यादा व्यूज हासिल कर लिए हैं, जो फिल्म की हाइप को दर्शाता है। दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म की पाइरेसी रोकने के लिए पहले ही इंजंक्शन जारी कर दिया है।

कास्ट एंड क्रू: स्टार्स का धमाकेदार कॉम्बिनेशन

किरदारकलाकारखासियत
जॉली मिश्राअक्षय कुमारस्मार्ट और इमोशनल वकील, कॉमिक टाइमिंग का कमाल
जॉली तिग्गीअरशद वारसीजुगाड़ू स्टाइल, 12 साल बाद वापसी का जादू
जज सुंदरलाल त्रिपाठीसौरभ शुक्लाकोर्ट का 'बॉस', क्लाइमेक्स में धमाल
संध्याहुमा कुरैशीस्ट्रॉन्ग सपोर्टिंग रोल
जयअमृता राव6 साल बाद कमबैक, इमोशनल टच
हरिभाई खेतानगजराज रावनेगेटिव रोल में डरावना अंदाज
जानकीसीमा बिस्वासकिसान की पत्नी, आंसू बहाने वाली एक्टिंग
अन्यराम कपूर, अन्नू कपूरदमदार सपोर्ट

निर्देशक सुभाष कपूर ने एक बार फिर स्क्रिप्ट को शार्प बनाया है, जो 2011 के भट्टा परसौल किसान आंदोलन से इंस्पायर्ड है। प्रोडक्शन हाउस Cape of Good Films और Disney का है।

किसान का दर्द, कोर्ट का खेल

फिल्म राजस्थान के एक गांव परसौल से शुरू होती है, जहां किसान राजाराम सोलंकी अपनी जमीन उद्योगपति हरिभाई खेतान (गजराज राव) को बेचने से इनकार कर देता है। लेकिन जब पुलिस और पूंजीपतियों का गठजोड़ किसानों पर अत्याचार करता है, तो मामला कोर्ट पहुंच जाता है। यहां जॉली मिश्रा (अक्षय) और जॉली तिग्गी (अरशद) के बीच जबरदस्त टकराव होता है – एक गरीब किसानों का पक्ष लेता है, तो दूसरा कॉर्पोरेट इंटरेस्ट्स का। जज त्रिपाठी (सौरभ शुक्ला) की अदालत में हंसी-मजाक, तीखे डायलॉग्स और इमोशनल ट्विस्ट्स का तूफान आ जाता है।

कहानी सामाजिक मुद्दों जैसे MSP (मिनिमम सपोर्ट प्राइस), किसानों के अधिकार और भूमि अधिग्रहण पर गहरा प्रहार करती है। लेकिन यह सिर्फ ड्रामा नहीं – कॉमेडी का डोज इतना सटीक है कि आपको हंसते-हंसते आंसू आ जाएंगे। पहला हाफ सेटअप करता है, तो दूसरा हाफ क्लाइमेक्स में धमाल मचाता है।

हंसी, इमोशन और संदेश का परफेक्ट बैलेंस

कहानी और डायरेक्शन (4/5): सुभाष कपूर ने फ्रेंचाइजी की आत्मा को बरकरार रखा है – कानूनी सिस्टम की खामियों पर व्यंग्य, लेकिन इस बार किसानों का एंगल जोड़कर इसे रेलेवेंट बना दिया। डायलॉग्स शार्प हैं, जैसे "असली जॉली कौन है?" वाला ट्विस्ट। लेकिन कुछ इमोशनल सीन थोड़े लंबे लगते हैं, जो पेस को धीमा करते हैं। कुल मिलाकर, यह एक आई-ओपनर फिल्म है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी।

एक्टिंग (4.5/5):

  • अक्षय कुमार: करियर बेस्ट परफॉर्मेंस! कॉमेडी में 'सनी' वाला वाइब, इमोशन में 'रंबा' जैसा इंटेंस। क्लाइमेक्स स्पीच में तालियां बजवाएंगे।
  • अरशद वारसी: 12 साल बाद भी जॉली तिग्गी जिंदा! उनकी जुगाड़ू स्टाइल और अक्षय के साथ केमिस्ट्री कमाल की।
  • सौरभ शुक्ला: जज का रोल कभी इतना फ्लेश्ड आउट नहीं था। क्लाइमेक्स में रियल हीरो।
  • सपोर्टिंग कास्ट: गजराज राव का विलेन रोल डरावना, सीमा बिस्वास इमोशनल हाईलाइट। हुमा और अमृता सॉलिड।

म्यूजिक एंड टेक्निकल (3.5/5): गाने भूलने लायक हैं, लेकिन बैकग्राउंड स्कोर कोर्ट सीन को इंटेंस बनाता है। सिनेमेटोग्राफी राजस्थान के गांवों को खूबसूरती से कैप्चर करती है।

ओवरऑल रेटिंग: 4/5 – अगर आपको 'जॉली एलएलबी 2' पसंद आई, तो यह और बेहतर है। कॉमेडी-ड्रामा का कंप्लीट पैकेज, जो वीकेंड पर फैमिली के साथ देखने लायक। लेकिन अगर आप सिर्फ हंसी चाहते हैं, तो इमोशनल पार्ट आपको भारी लग सकता है।

सोशल मीडिया रिएक्शन: X पर तारीफों का तूफान

रिलीज के पहले ही दिन X (पूर्व ट्विटर) पर रिव्यूज की बाढ़ आ गई। ज्यादातर यूजर्स अक्षय-अरशद की जोड़ी की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "जॉली vs जॉली! अदालत में हंसी का तूफान! " ट्रेड एनालिस्ट सुमित कadel ने इसे "बॉक्स ऑफिस सक्सेस" बताया। कुछ ने क्लाइमेक्स को "क्लैपवर्थी" कहा, तो एक ने शिकायत की कि "फार्मर एंगल बोरिंग"। लेकिन ओवरऑल, पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ है।

बॉक्स ऑफिस प्रेडिक्शन: अक्षय के लिए राहत की सांस

पोस्ट-कोविड ओपनर्स में टॉप 5 में जगह बनाने की उम्मीद। पहले दिन 10-15 करोड़ का कलेक्शन संभव, क्योंकि कम्पटीशन कम है। 'सीतारे जमीं पर' से बेहतर ओपनिंग की उम्मीद। अगर वर्ड ऑफ माउथ स्ट्रॉन्ग रहा, तो 100 करोड़ क्लब आसान। 'जॉली एलएलबी 3' सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक आईना है जो समाज को दिखाता है। अगर आप हंसी, इमोशन और सोचने लायक संदेश चाहते हैं, तो मिस न करें।

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