बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभेरी बजते ही राजनेतिक दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रमुख घटक जनता दल (यूनाइटेड) ने गुरुवार को अपनी दूसरी और अंतिम सूची जारी कर दी, जिसमें कुल 44 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इस सूची के साथ ही JDU ने अपनी कुल 101 सीटों पर सभी प्रत्याशियों की घोषणा पूरी कर ली है। खास बात यह है कि इस सूची में 9 महिलाओं और 4 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है, जो पार्टी की समावेशी छवि को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली इस पार्टी ने पहली सूची में 57 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे, जिसमें कोई मुस्लिम प्रत्याशी नहीं था। दूसरी सूची के जारी होते ही एनडीए की ओर से बिहार की 243 सीटों पर सीट बंटवारे की प्रक्रिया पूरी तरह से स्पष्ट हो गई है। एनडीए में भाजपा को 101 सीटें, JDU को 101, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29, राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6 और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) को 6 सीटें मिली हैं।
प्रमुख उम्मीदवारों के नाम
दूसरी सूची में कई दिग्गज चेहरों को जगह मिली है। सुपौल विधानसभा सीट से पूर्व विधायक बिजेंद्र प्रसाद यादव को टिकट दिया गया है, जो पार्टी के लिए एक मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इसके अलावा, विवादास्पद बयानों के लिए चर्चित पूर्व विधायक राजवल्लभ सिंह की पत्नी को टिकट मिला है। राजवल्लभ ने हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री को 'जर्सी गाय' से तुलना करने वाला बयान दिया था, जिसकी काफी आलोचना हुई थी।
बहुबली विधायक आनंद मोहन सिंह के बेटे चेतन आनंद को औरंगाबाद जिले के नवीनगर से टिकट दिया गया है। चेतन 2020 में शिवहर से विधायक चुने गए थे और अब JDU के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे। पार्टी ने लोक जनशक्ति पार्टी (चिराग पासवान) के दावे वाली 5 सीटों – सोनबरसा, अलौली, राजगीर, एकमा और मोरवा – पर भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जो गठबंधन के भीतर तनाव को दर्शाता है।
9 महिलाएं और 4 मुस्लिम चेहरे
JDU ने अपनी दूसरी सूची में महिलाओं को विशेष महत्व दिया है। कुल 9 महिलाओं को टिकट मिला है, जो बिहार की राजनीति में लैंगिक समानता की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, "महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नीतीश कुमार सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ये प्रत्याशी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इसी तरह, अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए 4 मुस्लिम उम्मीदवारों को नामित किया गया है।
- अमौर से साबा जफर
- जोकीहाट से मंजर आलम
- अररिया से शगुफ्ता आजिम
- चैनपुर से मोहम्मद जामा खान
पहली सूची में मुस्लिम उम्मीदवारों की अनुपस्थिति पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे, लेकिन दूसरी सूची से JDU ने इस कमी को पूरा करने की कोशिश की है।
चुनावी कार्यक्रम और रणनीति
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होगा। पहला चरण 6 नवंबर को 121 सीटों पर और दूसरा चरण 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान होगा। वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी। नामांकन की अंतिम तिथि दोनों चरणों के लिए 20 अक्टूबर है। JDU के राष्ट्रीय महासचिव संजय जे.हा ने कहा, "एनडीए मजबूत एकजुटता के साथ चुनाव लड़ रहा है। विपक्षी महागठबंधन अभी भी सीट बंटवारे पर उलझा हुआ है।"
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार से ही नामांकन प्रक्रिया में जुट जाएंगे। वे समस्तीपुर के सरायरंजन से मंत्री विजय कुमार चौधरी के नामांकन में और दरभंगा में मंत्री मदन साहनी के नामांकन में मौजूद रहेंगे। वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुंगेर के तारापुर से अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
पृष्ठभूमि और चुनौतियां
JDU की यह सूची जातिगत संतुलन को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। पहली सूची में ओबीसी (23), एससी (12), ईबीसी (9) और ऊपरी जाति (13) के उम्मीदवारों को जगह मिली थी। दूसरी सूची में भी इसी फॉर्मूले को अपनाया गया है। हालांकि, चिराग पासवान की LJP के साथ सीटों पर विवाद और विपक्ष के हमलों से JDU को चुनौतियां मिल रही हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने JDU पर निशाना साधते हुए कहा, "JDU नीतीश कुमार के साथ नहीं, बल्कि ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी के साथ चल रही है।"
एनडीए की ओर से दावा किया जा रहा है कि विकास और सुशासन के एजेंडे पर वोटर उनका साथ देंगे। वहीं, महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों) अभी अंतिम दौर की बातचीत में व्यस्त है। आपको बता दें JDU की यह दूसरी सूची बिहार चुनावी रंगमंच पर एक नया मोड़ लाई है। अब सभी की निगाहें नामांकन और प्रचार पर टिकी हैं। क्या नीतीश कुमार की रणनीति कामयाब होगी? इसका जवाब 14 नवंबर को मिलेगा।



