न्यूज प्लस डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान रावलपिंडी की अडियाला जेल में हैं और बाहर तूफान मचा है। इमरान को लेकर आशंकाएं और अफवाहों से पूरे पाकिस्तान में हाहाकार मचा है। जेल के बाहर से लेकर पूरे पाकिस्तान में इमरान की पार्टी पीटीआई समर्थक सड़कों पर हैं और हालात बिगड़ते जा रहे हैं। पाकिस्तान में गृहयुद्ध के हालात बनते जा रहे हैं, इस बीच इमरान की बहनों ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने कोर्ट के आदेश के बाद भी इमरान से मिलने से रोकने पर न्यायालय की अवमानना का केस दाखिल किया है।
इमरान खान दो साल से जेल में हैं, कई माह से सरकार ने उनके परिवार, वकील और डॉक्टरों को जेल में मिलने नहीं दिया। इस पर परिवार कोर्ट गया, जहां से मिलाई कराने का आदेस हुआ लेकिन जेल प्रशासन ने परिवार को इमरान से मिलाने से मना कर दिया। इससे पाकिस्तान में इमरान के कत्ल और मौत की अफवाहें फैलने लगीं, पाकिस्तानी मीडिया ने भी उनकी मौत की आशंका जतायी। कहा जाने लगा कि मुनीर ने उन्हें रास्ते से हटा दिया है। इससे समर्थकों में आक्रोश बढ़ने लगा।
इमरान की बहनें तमाम समर्थकों के साथ अडियाला जेल के बाहर डट गईं और इमरान से मिलवाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलन धीरे-धीरे पूरे पाकिस्तान में पैल गया और पीटीआई समर्थक सड़कों पर उतर आए। हालात बिगड़ने लगे, इस बीच खेबर पख्तून के सीएम सुहेल अफरीदी भी इमरान से मिलने जेल के बाहर पहुंच गए। उनकी पुलिस से झड़प हुई, पुलिस ने मुख्यमंत्री से अभद्रता की, उनको लात-घूंसे मारे और सड़क पर गिरा कर घसीटा।
इस बीच बहनों ने अदालत में लड़ाई शुरू कर दी है। बहनें इस्लामाबाद हाईकोर्ट पहुंचीं और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलने की कोशिश की। वह नहीं मिले तो बहनों ने अदालत की अवमानना का केस दाखिल कर दिया। इस बीच इमरान के बेटे कासिम ने पिता के स्वास्थ को लेकर सबूत मांगे हैं। पाकिस्तानी सरकार ने इमरान के जीवित होने के सबूत न दिए और उन्हें परिवार से नहीं मिलाया तो हालात और बिगड़ सकते हैं, अगले कुछ दिनों में पाकिस्तान में कुछ भी हो सकता है।



