बिहार, राजबीर सिंह। बिहार में कल यानी 6 नवंबर को पहले चरण की वोटिंग होनी है, मतदान से 24 घंटे पहले नेताओं के बयान जुबान काटने और आंख निकालने तक पहुंच गए हैं। इस जुबानी जंग में बड़े से लेकर छोटे नेता शामिल हो गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कट्टा-छर्रा शुरू किया तो राहुल गांधी ने उनको ड्रामेबाज बता दिया। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महागठबंधन को तीन बंदरों की टीम बताया, उन्होंने इशारे में अखिलेश य़ादव को टप्पू, राहुल को पप्पू और तेजस्वी को अप्पू बोला तो अखिलेश यादव भी चुप नहीं रहे, उन्होंने भाजपा को गप्पू और चप्पू की पार्टी बता दिया। अखिलेश ने इशारे में पीएम मोदी को गप्पू यानी गपबाज और योगी को उनका चप्पू बताया। इस बीच बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव को नालायक तक कह दिया।
तेजस्वी यादव ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को चरमपंथी कहा तो असदुद्दीन और उनकी पार्टी के नेताओं ने सारी सीमाएं पार कर दीं। सीमांचल में मुस्लिम वोटों के लिए जिसको जो चाहा बोलने लगा, ओवैसी ने कहाकि तेजस्वी की नजर में नमाज पढ़ने और कुरान पढ़ने वाले चरमपंथी हैं तो एआईएमआईएम के बहादुरगंज से प्रत्याशी तौसीफ आलम सारी सीमाएं लांघ गए, उन्होंने कहाकि तेजस्वी आंख दिखाएंगे तो आंख निकाल देंगे, उंगली दिखायी तो उंगली काट देंगे और गलत बोला तो तेजस्वी तेरी जुबान काट देंगे।
इधर दुलारचंद हत्याकांड में अनंत सिंह के जेल जाने पर उनका चुनाव संभालने मोकामा पहुंचे ललन सिंह ने अपने समर्थकों को अजीबो गरीब निर्देश दिए। आरजेडी ने ललन सिंह का एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उन्होंने गरीबों को मतदान के लिए बाहर नहीं निकलने देने को कहा है। ललन सिंह ने कहाकि उसे घर में बंद कर दें और वोट न डालने दें और ज्यादा हाथपांव जोड़े तो साथ ले जाकर वोट डलवाएं और फिर वापस घर में बंद कर दें। निर्वाचन आयोग ने नोटिस जारी कर ललन सिंह से जवाब मांगा है। दूसरी तरफ जदडू का कहना है कि उन्होंने यह बात बाहुबली नेताओं के लिए कही है।



