गर्मियों में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना सबसे बड़ी जरूरत बन जाता है। तेज धूप और पसीने की वजह से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में कई लोग सुबह खाली पेट सौंफ और किशमिश का पानी पीना पसंद कर रहे हैं। आयुर्वेद में सौंफ को ठंडी तासीर वाला माना जाता है और यह पाचन में मदद कर सकती है। गर्मियों में सौंफ वाला पानी शरीर को ठंडा रखने और हाइड्रेशन बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
एक्सपर्ट क्या मानते हैं
कई आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार सौंफ और किशमिश का मिश्रण शरीर को अंदर से ठंडक देने में मदद कर सकता है। आम तरीका यह बताया जाता है कि रात में एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंफ और 4 से 5 किशमिश भिगो दी जाएं और सुबह पानी छानकर पिया जाए। हालांकि इसके कई दावों के पीछे मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं, इसलिए इसे चमत्कारी उपाय नहीं मानना चाहिए।
पेट और पाचन पर असर
सौंफ में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पाचन एंजाइम को सक्रिय करने और गैस, पेट फूलना जैसी समस्याओं में मदद कर सकते हैं। किशमिश में फाइबर होता है जो कब्ज में सहायक हो सकता है। इसी वजह से कुछ लोगों को यह मिश्रण पेट हल्का रखने में मदद करता है।
ऊर्जा और हाइड्रेशन
किशमिश में प्राकृतिक शर्करा और कुछ जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो ऊर्जा देने में मदद कर सकते हैं। साथ ही पानी के साथ लेने पर यह गर्मियों में शरीर को तरोताजा महसूस करा सकता है। सौंफ का पानी भी शरीर को ठंडा और ताजा महसूस कराने से जोड़ा जाता है।
त्वचा पर असर के दावे
सोशल मीडिया और कई घरेलू नुस्खों में दावा किया जाता है कि इससे त्वचा चमकदार बनती है और चेहरे पर ग्लो आता है। किशमिश और सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, लेकिन सिर्फ यह पानी पीने से त्वचा में बड़ा बदलाव आ जाएगा, इसके पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।
ध्यान रखने वाली बातें
हर चीज हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं होती। डायबिटीज वाले लोगों को किशमिश की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि इसमें प्राकृतिक शुगर होती है। अगर किसी को सौंफ से एलर्जी हो या कोई खास दवा चल रही हो तो पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
