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पश्चिम बंगाल में बदला चुनावी मोड, SIR नहीं अब मुद्दा होगा ED

पश्चिम बंगाल में बदला चुनावी मोड, SIR नहीं अब मुद्दा होगा ED

न्यूज प्लस डेस्क, नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी के लिए राजनीतिक और चुनावी प्रबंधन करने वाली संस्था इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आईपैक) और इसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसरों में छापे के बाद पश्चिम बंगाल का चुनावी मोड बदल गया है। नए रण के बाद अब SIR नहीं बल्कि ED पर लड़ाई शुरू हो गई है।

अभी तक पश्चिम बंगाल में SIR के मुद्दे पर चुनाव हो रहा था। ममता बनर्जी SIR को अवैधानिक बता रही थीं और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक गई हैं। पीएम मोदी ने भी पश्चिम बंगाल के दौरे में घुसपैठ और SIR का मुद्दा ऊपर रखा था, लेकिन ईडी की छापेमारी के बाद अब मुद्दा बदल गया है। ममता बनर्जी ने इस रण को दिल्ली तक पहुंचा दिया है, उन्होंने संकेत दे दिया है कि इस मुद्दे को वह चुनाव तक ले जाएंगीं। उन्होंने खुद ईडी छापे के विरोध में 6 किमी पैदल मार्च कर लोगों की सिंपैथी बटोरने की कोशिश की। ईडी के छापे पर ममता बनर्जी अपना जुझारूपन दिखाने के साथ लोगों की संवेदना बटोरना चाहती है, इसके लिए टीएमसी की ओर से चुनाव तक लगातार विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनायी जा सकती है।

जब SIR का मुद्दा चल रहा था तब ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि वह पश्चिम बंगाल से एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाकर चुनाव आयोग के दफ्तर में प्रदर्शन करेंगे, अब प्रदर्शन का यह स्थान बदलकर ईडी दफ्तर हो सकता है। टीएमसी इस मुद्दे से पश्चिम बंगाल के लोगों की सिंपैथी बटोरने की पूरी कोशिश करेगी, वह कहेगी कि भाजपा एजेंसियों का दुरुपयोग कर सत्ता हासिल करना चाहती है। इससे पहले सीबीआई छापे को लेकर भी इसी तरह ममता बनर्जी ने रुख अख्तियार किया था।

ईडी के छापे से दो सरकारी एजेंसियां भी आमने-सामने आ गई हैं। ईडी और पश्चिम बंगाल पुलिस आमने-सामने हैं, कोर्ट में भी दोनों आपस में लड़ेंगे। इससे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस और सीबीआई आमने-सामने आ चुके हैं।   

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