डायबिटीज आज तेजी से बढ़ने वाली लाइफस्टाइल बीमारी बन चुकी है। अगर परिवार में माता-पिता या भाई-बहन को डायबिटीज है, तो इसका खतरा और बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज में आनुवंशिक कारण बड़ी भूमिका निभाते हैं, जिससे शरीर में इंसुलिन ठीक से काम नहीं कर पाता और ब्लड शुगर बढ़ने लगता है।
वजन कंट्रोल रखना सबसे जरूरी
डायबिटीज से बचने के लिए सबसे पहला कदम है वजन को नियंत्रित रखना। खासकर पेट के आसपास जमा चर्बी सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है। इसलिए शरीर का वजन संतुलित रखना और कमर का साइज नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। मोटापा जितना कम होगा, जोखिम उतना ही घटेगा।
रोजाना एक्सरसाइज है सबसे बड़ा हथियार
हर दिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि बहुत जरूरी है। तेज चलना, योग, साइक्लिंग या हल्की कसरत करने से शरीर एक्टिव रहता है और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। इससे इंसुलिन की कार्यक्षमता भी बेहतर होती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है।
संतुलित आहार अपनाना जरूरी
खाने में फाइबर युक्त चीजें जैसे दलिया, ओट्स, हरी सब्जियां और फल शामिल करें। ज्यादा मीठा, रिफाइंड कार्ब्स और जंक फूड से दूरी बनाएं। इसके बजाय प्रोटीन और हेल्दी फैट्स को डाइट में शामिल करें। सही खानपान डायबिटीज से बचाव का सबसे मजबूत आधार होता है।
नियमित जांच और सही दिनचर्या अपनाएं
अगर परिवार में डायबिटीज है, तो 30 साल के बाद नियमित जांच करवाना जरूरी है। साल में कम से कम एक बार ब्लड शुगर और HbA1c टेस्ट जरूर कराएं। साथ ही तनाव को कम रखें और रोज 7-8 घंटे की नींद लें, क्योंकि नींद की कमी और तनाव भी इस बीमारी का जोखिम बढ़ाते हैं।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन घटना या ज्यादा थकान जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय रहते जांच और सावधानी से इस बीमारी को रोका जा सकता है। सही लाइफस्टाइल अपनाकर डायबिटीज से बचाव पूरी तरह संभव है।
