धुरंधर 2 में पूरी कहानी हीरो और विलेन के इर्द-गिर्द घूमती नजर आती है। रणवीर सिंह का डबल रोल और अक्षय खन्ना का खतरनाक किरदार शुरुआत से ही दर्शकों को बांधे रखता है। फिल्म में एक तरफ हमजा और जसकीरत की कहानी चलती है, तो दूसरी तरफ रहमान डकैत का आतंक दिखाया जाता है। लेकिन असली खेल कहानी के अंत में जाकर खुलता है।
रणवीर और अर्जुन के बीच दिखा टकराव
फिल्म में रणवीर सिंह और अर्जुन रामपाल के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिलता है। दोनों किरदारों के बीच का संघर्ष दर्शकों को रोमांचित करता है। वहीं संजय दत्त का किरदार भी कहानी में अहम भूमिका निभाता है। शुरुआत में सब कुछ साफ लगता है कि कौन हीरो है और कौन विलेन, लेकिन धीरे-धीरे कहानी अपना रंग बदलती है।
विलेन की हार के बाद भी कहानी खत्म नहीं
जब रहमान डकैत का किरदार खत्म होता है, तो लगता है कि अब कहानी अपने अंत की ओर बढ़ रही है। लेकिन यहीं से फिल्म असली मोड़ लेती है। दर्शकों को लगता है कि हमजा ने बाजी मार ली है, लेकिन असली सच्चाई अभी सामने आनी बाकी होती है। यही ट्विस्ट फिल्म को खास बनाता है।
जमील जमाली का किरदार बना सरप्राइज
राकेश बेदी का निभाया जमील जमाली का किरदार शुरुआत में हल्का और मजाकिया लगता है। लेकिन धीरे-धीरे यही किरदार कहानी का सबसे बड़ा खिलाड़ी बनकर सामने आता है। वह हर समय अलग-अलग पक्षों के साथ नजर आता है, जिससे दर्शकों को उसके असली इरादे समझ नहीं आते।
क्लाइमेक्स में खुला बड़ा राज
फिल्म के आखिर में पता चलता है कि जमील जमाली ही असली मास्टरमाइंड है। वह सालों से दुश्मन देश में रहकर एक गुप्त मिशन पर काम कर रहा था। उसने ही पूरे खेल को पीछे से कंट्रोल किया और सही समय पर चाल चलकर सबको चौंका दिया। यह खुलासा फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज बन जाता है।
फिल्म का सबसे बड़ा खिलाड़ी वही निकला
अंत में साफ हो जाता है कि असली जीत जमील जमाली की होती है। उसने बिना सामने आए पूरा खेल पलट दिया। एक्सपर्ट मानते हैं कि यही किरदार फिल्म की जान है, जिसने कहानी को अलग स्तर पर पहुंचा दिया। यही वजह है कि धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स दर्शकों के दिमाग में लंबे समय तक बना रहता है।
