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उपराष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग गिनती शुरू, 8 बजे तक परिणाम की उम्मीद

उपराष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग गिनती शुरू, 8 बजे तक परिणाम की उम्मीद

भारत के 17वें उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज संसद भवन में मतदान प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू हुई और शाम 5 बजे सफलतापूर्वक समाप्त हो गई। इस महत्वपूर्ण चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। वोटों की गिनती शाम 6 बजे शुरू होगी, और परिणाम रात 8 बजे तक घोषित होने की उम्मीद है। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद हो रहा है।

उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 781 सांसदों ने मतदान करने का अधिकार रखा। मतदान गुप्त मतपत्र के माध्यम से हुआ, जिसमें सांसदों को उम्मीदवार के नाम के सामने '1' या '2' अंक लिखकर अपनी पसंद दर्ज करनी थी। किसी भी अन्य निशान या गलती के कारण वोट अमान्य होने का प्रावधान था। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल और तमिलनाडु के बीजेपी दिग्गज 68 वर्षीय सी.पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया, जबकि इंडिया गठबंधन ने 79 वर्षीय पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी पर दांव लगाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह सबसे पहले अपना वोट डाला, जिसके बाद अन्य प्रमुख नेताओं जैसे कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मतदान किया। राज्यसभा के महासचिव पी.सी. मोदी को इस चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया था, जो मतदान और गिनती की प्रक्रिया की देखरेख कर रहे हैं।

संख्याबल और समर्थन

चुनाव में जीत के लिए 391 वोटों की बहुमत की आवश्यकता थी, क्योंकि कुल 781 सांसद मतदान के लिए पात्र थे। हालांकि, कुछ दलों के मतदान से दूरी बनाने के कारण यह जादुई आंकड़ा 386 तक कम हो गया। एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा में कुल 425 सांसदों का समर्थन है, जिसमें आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का समर्थन भी शामिल है। इसके विपरीत, विपक्षी इंडिया गठबंधन को एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी का समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने सुदर्शन रेड्डी के पक्ष में वोट देने की घोषणा की थी।

हालांकि, तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (बीजेडी) ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। बीआरएस के 4 और बीजेडी के 7 सांसदों के इस फैसले ने विपक्ष की स्थिति को और कमजोर किया। इसके अलावा, शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब में बाढ़ की स्थिति का हवाला देते हुए एकमात्र लोकसभा सांसद के साथ मतदान से दूरी बनाई।

वोटों की गिनती और परिणाम

वोटों की गिनती शाम 6 बजे शुरू होगी, जिसमें सबसे पहले वैध और अवैध वोटों को अलग किया जाएगा। इसके बाद, कोटा निर्धारित कर विजेता का फैसला होगा। जिस उम्मीदवार को आधे से अधिक वोट, यानी कम से कम 386 वोट मिलेंगे, वह देश का अगला उपराष्ट्रपति चुना जाएगा। परिणाम रात 8 बजे तक घोषित होने की संभावना है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संख्याबल के आधार पर एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मतदान के बाद विश्वास जताया कि राधाकृष्णन ही अगले उपराष्ट्रपति होंगे। हालांकि, विपक्ष ने भी पूरे दमखम के साथ मुकाबला किया, जिससे यह चुनाव पिछले दो दशकों में सबसे करीबी मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।

उपराष्ट्रपति का पद भारत के संवैधानिक ढांचे में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह व्यक्ति राज्यसभा का पदेन सभापति भी होता है। यह चुनाव इसलिए भी खास है, क्योंकि यह संसद के कामकाज में नेतृत्व की भूमिका को प्रभावित करेगा। मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखने के लिए सख्त नियम लागू किए गए थे। सांसदों को अपनी मर्जी से वोट डालने की छूट थी, क्योंकि इस चुनाव में कोई व्हिप जारी नहीं किया जाता।

क्या कहते हैं आंकड़े?

  • कुल मतदाता: 781 सांसद (लोकसभा: 542, राज्यसभा: 239, जिसमें 6 रिक्तियां शामिल हैं)
  • जीत के लिए आवश्यक वोट: 386 (कुछ दलों के मतदान से दूरी के कारण)
  • एनडीए का समर्थन: 425 सांसद (वाईएसआरसीपी सहित)
  • विपक्ष का समर्थन: एआईएमआईएम सहित इंडिया गठबंधन
  • मतदान से दूरी: बीजेडी (7 सांसद), बीआरएस (4 सांसद), शिरोमणि अकाली दल (1 सांसद)

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