कोलंबिया के प्रमुख राजनेता और 2026 के राष्ट्रपति चुनाव के संभावित उम्मीदवार, सीनेटर मिगुएल उरीबे टर्बे का 11 अगस्त 2025 को निधन हो गया। उनके परिवार ने इस खबर की पुष्टि की। यह दुखद घटना 7 जून 2025 को बोगोटा में एक चुनावी रैली के दौरान उन पर हुए जानलेवा हमले के दो महीने बाद हुई, जिसमें उन्हें सिर में दो गोलियां सहित कुल तीन गोलियां मारी गई थीं। इस हमले के बाद से उरीबे अस्पताल में गंभीर हालत में थे, और अंततः उनकी मृत्यु हो गई।
39 वर्षीय मिगुएल उरीबे बोगोटा के फॉन्टिबोन इलाके में एक सार्वजनिक पार्क में अपनी डेमोक्रेटिक सेंटर पार्टी के समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान एक अज्ञात हमलावर ने उन पर पीछे से गोलीबारी की। हमले में उरीबे को तीन गोलियां लगीं, जिनमें से दो उनके सिर में और एक उनकी पीठ में लगी। हमले के तुरंत बाद उन्हें बोगोटा के एक मेडिकल सेंटर में ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी रही। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं, और तस्वीरों में उरीबे खून से लथपथ दिखाई दिए।
कोलंबियाई पुलिस ने इस हमले के सिलसिले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक 15 वर्षीय किशोर भी शामिल है, जिसे कथित तौर पर शूटर माना गया। पुलिस ने एल्डर जोस आर्टेगा हर्नांडेज को मुख्य योजनाकार के रूप में पहचाना, जिसका लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है और इंटरपोल में भी उसका रिकॉर्ड दर्ज है। पुलिस प्रमुख कार्लोस फर्नांडो ट्रियाना बेल्ट्रान के अनुसार, हर्नांडेज ने हमले की योजना बनाई, शूटर को हायर किया और उसे हथियार उपलब्ध कराया। कोलंबियाई रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने दावा किया कि हर्नांडेज ने इस अपराध के लिए लगभग 250,000 डॉलर की राशि में सौदा किया था।
मिगुएल उरीबे का राजनीतिक सफर
मिगुएल उरीबे टर्बे कोलंबिया की दक्षिणपंथी विपक्षी पार्टी, डेमोक्रेटिक सेंटर (Centro Democrático) के एक प्रमुख नेता थे। उन्होंने अक्टूबर 2024 में 2026 के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी। उरीबे का राजनीति से गहरा नाता था; वे कोलंबिया के पूर्व राष्ट्रपति जूलियो सीजर टर्बे (1978-1982) के पोते और प्रख्यात पत्रकार डायना टर्बे के बेटे थे। उनकी मां डायना को 1991 में कुख्यात ड्रग माफिया पाब्लो एस्कोबार के मेडेलिन कार्टेल द्वारा अपहरण के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मार दिया गया था।
39 वर्षीय उरीबे को एक गतिशील और युवा नेता के रूप में जाना जाता था, जिनका राजनीतिक करियर तेजी से उभर रहा था। उनकी लोकप्रियता और दक्षिणपंथी विचारधारा ने उन्हें 2026 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए एक मजबूत दावेदार बनाया था।
उरीबे की मृत्यु ने कोलंबिया के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा झटका दिया है। उनकी पार्टी, डेमोक्रेटिक सेंटर, ने इस हमले को "क्रूर हिंसा" और "लोकतंत्र पर हमला" करार दिया। बोगोटा के मेयर कार्लोस गालान ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि शहर के सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया था। कोलंबिया की विदेश मंत्री लौरा सराबिया ने सोशल मीडिया पर लिखा, "हिंसा कभी समाधान नहीं होती।" कई राजनीतिक विश्लेषकों और समर्थकों ने इस घटना को कोलंबिया में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता और अपराध की घटनाओं से जोड़ा है।
सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर व्यापक प्रतिक्रियाएं देखी गईं। कुछ यूजर्स ने इसे कोलंबिया की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का परिणाम बताया, जबकि अन्य ने इसे राजनीतिक साजिश के रूप में देखा। एक यूजर ने लिखा, "यह कोलंबिया के लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है।"
कोलंबिया में राजनीतिक हिंसा कोई नई बात नहीं है। 1990 के दशक में पाब्लो एस्कोबार के नेतृत्व में ड्रग कार्टेल्स ने कई हाई-प्रोफाइल नेताओं को निशाना बनाया था। मिगुएल उरीबे पर हुआ हमला उस दौर के बाद से किसी प्रमुख राजनेता पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। यह घटना उन चुनौतियों को उजागर करती है, जो कोलंबिया में राजनीतिक नेताओं को सामना करना पड़ता है, खासकर ऐसे समय में जब देश में मई 2026 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां चल रही हैं।



