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चीन के राष्ट्रपति लापता? क्या सत्ता परिवर्तन की तैयारी!

चीन के राष्ट्रपति लापता? क्या सत्ता परिवर्तन की तैयारी!

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी ताकत और उसका सबसे ताकतवर आदमी अचानक कहां चला गया, शी जिनपिंग चीन के प्रेसिडेंट बीजिंग की सत्ता का केंद्र पिछले कुछ दिनों से दिख नहीं रहे, ना कोई ऑफिशियल प्रोग्राम, ना कोई मीडिया अपीयरेंस आखिर शी जिनपिंग कहां हैं क्या ये हेल्थ इशू है या कोई सियासी साज़िश।

चीन की सत्ता के गलियारों में चर्चा तेज़ है कि कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर ही किसी ने तख्तापलट की साजिश रच दी है, कुछ रिपोर्ट्स कहती हैं शी जिनपिंग को नजरबंद कर दिया गया है, तो कुछ का दावा है उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई है और पूरी सरकार इस खबर को छुपा रही है, दुनिया भर के खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं अमेरिका, जापान, यूरोप सबकी नजरें बीजिंग पर टिकी हैं, सवाल ये है अगर शी जिनपिंग सत्ता से बाहर हुए तो चीन का अगला चेहरा कौन होगा और क्या ये दुनिया के लिए नए संकट की शुरुआत होगी।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले दो हफ्तो से गायब हैं मई के आखिर और जून की शुरुआत के दौरान उन्हें कहीं देखा नहीं गया है, चीनी सरकार के मुखपत्र पीपुल्स डेली में भी उनकी खबर नहीं है, जबकि वो रोजाना उसकी खबरों का हिस्सा होते थे, इस बीच कम्युनिस्ट पार्टी के दूसरे नेताओं की बीजिंग के भव्य हॉल में आने वाले गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी की खबरें सुर्खियां बनीं है

चीन में सीनियर नेताओं का चुपके से सत्ता से हटा दिए जाने का इतिहास रहा है, ऐसे में ये सवाल बेमानी नहीं है, कि कहीं शी जिनपिंग के खिलाफ भी ऐसी ही तैयारी तो नहीं चल रही है, इसी साल जून की शुरुआत में जब शी जिनपिंग ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के साथ मुलाकात की, तो सेटिंग आश्चर्यजनक रूप से छोटी थी, रेड कार्पेट की चमक-दमक गायब थी…इससे भी अजीब ये है कि शी जिनपिंग की निजी सुरक्षा लगभग आधी कर दी गई है, और उनके पिता की भव्य समाधि का आधिकारिक दर्जा भी खत्म कर दिया गया है कहा जा रहा है कि शी जिनपिंग और चीन की शक्तिशाली पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जनरल झांग यूक्सिया के बीच झगड़ा होने की खबर है

बतादें जनरल झांग ने ही शी जिनपिंग को तीसरा कार्यकाल दिलाने में मदद की थी, सूत्र के हवाले से बताया गया है कि वर्तमान में वास्तविक शक्ति जनरल झांग यूक्सिया के पास है… जो सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पहले उपाध्यक्ष हैं, जिन्हें चीन के पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ के गुट का समर्थन हासिल है, इसी बीच शी के प्रति वफादार दर्जनों जनरल गायब हो गए हैं या उन्हें बदल दिया गया है… शी के साथ जो होने की अटकलें लगाई जा रही हैं, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी पहले भी तीन नेताओं के साथ ऐसा कर चुकी है, जब उन्हें महज औपचारिक भूमिकाओं तक सीमित कर दिया गया, इस बीच चीन में एक नए चेहरे की भी चर्चा शुरू हो गई है, वांग यी का नाम संभावित रूप से चर्चा में है, डेंग शियाओपिंग के गुमनामी से बाहर निकलने के बाद वांग सुधार का नेतृत्व करते हैं, साल 2022 में पूरी दुनिया ने देखा जब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की अहम बैठक में शी जिनपिंग के पूर्ववर्ती हू जिंताओं को कैमरों के सामने मंच से हटाकर बाहर कर दिया गया था।

चीन की शिन्हुओ एजेंसी ने बाद में कहा कि हू अस्वस्थ महसूस कर रहे थे, लेकिन कैमरों में साफ दिख रहा था कि वे मंच से हटने के लिए इच्छुक नहीं थे…यहां तक कि उन्होंने शी जिनपिंग के नोट्स भी लिए थे, लेकिन जिनपिंग ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया, 2013 में शी के सत्ता में आने से पहले एक दशक तक चीन के सर्वेसर्वा रहे जिंताओ को, जिस तरह से बाहर किया गया… वो जिनपिंग की बढ़ती ताकत को दिखाने के लिए काफी था, लेकिन अब शी के साथ हो रहा है और कहा जा रहा है कि हू जिंताओ गुट इसके पीछे है…जिनपिंग का दो सप्ताह से परिदृश्य से गायब होना। इसी की एक कड़ी बताया जा रहा है…हालांकि, खुफिया सूत्र इससे सतर्क होने की सलाह देते हैं, क्योंकि चीन अपनी आंतरिक समस्याओं को बाहरी रूप देने के लिए जाना जाता है, खुफिया सूत्रों ने चेतावनी दी है कि पीएलए के पश्चिमी थिएटर कमान में फेरबदल से अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में नई झड़पें भी हो सकती हैं, कहा जाता है कि दुनिया के सबसे बड़े राज अक्सर बीजिंग की दीवारों के पीछे ही दफन हो जाते हैं…लेकिन अगर शी जिनपिंग वाकई गायब है तो ये ना सिर्फ चीन की बल्कि पूरी दुनिया की सबसे बड़ी कहानी बन सकती है।

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