न्यूज प्लस डेस्क, लखनऊ। वैसे तो सीएम योगी बिहार से लेकर जहां भी चुनाव प्रचार में गए हैं हिंदुत्व का एजेंडा ही सेट किया है और इसका फायदा मिला है, लेकिन यूपी में इस एजेंडे को भाजपा, RSS के साथ मिलकर और धार देगी। इसकी नींव RSS अपने हिंदू सम्मेलन में रखने जा रहा है।
रणनीति के लिए सोमवार को सीएम योगी के आवास पर BJP- RSS की समन्वय बैठक में रणनीति तैयार की गई, RSS ने सरकार के कामकाज में हिंदुत्व को बढ़ावा देने का सुझाव दिया साथ ही 2027 की चुनाव तैयारी को लेकर समीक्षा की। तय हुआ कि RSS अपने आगे के कार्यक्रमों के जरिए सीएम योगी के आगेल करके हिंदुत्व के चेहरे के रूप में पेश करेगा ताकि चुनाव आते-आते भाजपा कट्टर हिंदुत्व का मुद्दा आगे बढ़ा सके। इसके पीछे RSS की सोच जातियों में बंटे हिंदुओं को एकजुट करना है। लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने कई जातियों को एक करके भाजपा को मात दी थी। अखिलेश यादव फिर उसी समीकरण पर काम कर रहे हैं और BJP- RSS ने मिलकर इस समीकरण को तोड़ने के लिए अभी से काम शुरू कर दिया है। RSS इलके लिए अगले माह हिंदू सम्मेलन करने जा रही है, इस सम्मेलन के हिंदू चेहरा योगी ही होंगे। इसके बाद भी RSS के इस तरह के आयोजन जारी रहेंगे जिनमें योगी का चेहरा ही सबसे आगे रहेगा।



