न्यूज प्लस डेस्क, पटना। बिहार में आज बड़ा सियासी उलटफेर हो गया। नितीश कुमार के राज्यसभा का पर्चा भरने के साथ तय हो गया कि बिहार में अब भाजपा का मुख्यमंत्री होगा, इसी के साथ बिहार की राजनीति में नितीश के बेटे निशांत की इंट्री भी होने जा रही है। नितीश के राज्यसभा जाने से समर्थकों में खासा आक्रोश है, सीएम आवास में प्रदर्शन से लेकर समर्थकों ने जेडीयू कार्यालय में तोड़फोड़ की है।
गुरुवार सुबह ही नितीश कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि वह राज्यसभा जाना चाहते हैं। इसी के साथ गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पटना पहुंचे और नितीश को सीएम आवास से लेकर विधानसभा पहुंचे जहां नितीश कुमार को राज्यसभा को पर्चा भरवाया। नितीश के साथ नितिन नबीन ने भी राज्यसभा के लिए पर्चा भरा। इसी के साथ नितीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से जाना और राज्यसभा सदस्य बनना तय हो गया। 9 मार्च को पर्चा विड्राल का समय समाप्त हो रहा, उसी दिन नितीश राज्यसभा के सदस्य बन जाएंगे।
माना जा रहा है कि इससे पहले नितीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और शुरुआत में भाजपा की ओर से कोई उनका काम संभाले। भाजपा ने अभी अपना मुख्यमंत्री स्पष्ट नहीं किया है, हालांकि तय है कि मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा। इसी के साथ नितीश के बेटे निशांत की राजनीति में जोरदार ढंग से इंट्री की भी तैयारी शुरू हो गई है, माना जा रहा है वह सीधे सरकार में शामिल होंगे और डिप्टी सीएम बनेंगे। वही अब जेडीयू की कमान भी संभालेंगे।
नितीश के मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर उनके समर्थकों में खासा आक्रोश है, इससे पार्टी टूटने तक का खतरा पैदा हो गचया है। समर्थकों ने सीएम निवास के बाहर खूब हंगामा किया और जेडीयू एमएलसी संजय गांधी को घेरकर धक्का मुक्की कै। उनको काफी देर तक अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने अपने ही पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़ कर जता दिया कि वह नितीश के इस फैसले से नाराज हैं या कहें कि इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए वह नितीश के लए नारे लगा रहे हैं।
पूरे घटनाक्रम में तेजस्वी यादव ने भाजपा पर बड़ा प्रहार किया है, उन्होंने कहाकि भाजपा ने नितीश कुमार को हाईजैक कर लिया है और उनको मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने कहा भाजपा जेडयू को समाप्त कर देगी और बिहार में आरएसएस का एजेंडा थोप देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा बिहारप में महाराष्ट्र फार्मूला लागू कर रही है, भाजपा ने अपने सभी सहयोगियों के साथ यही किया है। जो उसके साथ गया उसके भाजपा ने समाप्त कर दिया है। इसी के साथ आज से बिहार की राजनीति बदल जाएगी लेकिन अभी तक नितीश को लेकर भाजपा या जेडीयू के किसी बड़े नेता की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है।
