यूपी के सुल्तानपुर कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी बोले-राजनीतिक दुश्मनी निकाली जा रही
Feb 20, 2026
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न्यूज प्लस डेस्क, लखनऊ। हाईकमान नेअंततः बैकवर्ड को UP BJP की कमान सौंप दी, जाहिर है निशाना विधानसभा चुनाव हैं। हाईकमान ने तमाम सोच विचार के बाद केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी का नाम तय़ किया है, केंद्र की राजनीति छोड़कर पंकज चौधरी अब UP का चुनाव संभालेंगे। वैसे तो भाजपा का हमेशा दावा रहता है कि पार्टी में पूरी तरह लोकतंत्र है और उसके पदाधिकारी, कार्यकर्ता चुनते हैं लेकिन यह सबको पता है कि पंकज चौधरी का नाम तमाम मंत्रणा के बाद तय हुआ है। कई बैठकों और तमाम मंत्रणा के बाद नाम तय हुआ है, अंततः अकेला उनका नामांकन हुआ और बिना वोटिंग वह अध्यक्ष बन गए। खुद सीएम योगी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, केशव मौर्य समेत पार्टी आठ दिग्गज उनके प्रस्तावक बने। जाहिर है प्रदेश की जनता को भी यह संदेश दिया गया कि भाजपा एकजुट है और सभी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में पंकज चौधरी यानी बैकवर्ड के साथ हैं। पहले से माना जा रहा था कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बैकवर्ड या दलित होगा। यह भाजपा की जातीय गणित फिट बैठता है, अगड़ा वोट पहले से उसके साथ है लेकिन अखिलेश यादव के पीडीए समीकरण का जवाब देना था। लोकसभा चुनाव में अखिलेश के पीडीए का असर दिखा, विस चुनाव में उसे अखिलेश का पीडीए तोड़ना है तो बैकवर्ड और दलित वोट बैंक को अपनी ओर करना होगा। इसको ध्यान में रखते हुए भाजपा ने बैकवर्ड वह भी कुर्मी पर दांव खेला है। उप्र में वैकवर्ड वोटों पर नजर डालें तो यादव के बाद दूसरे नंबर पर कुर्मी वोट बैंक हैं। वैसे तो भाजपा के पास स्वतंत्रदेव सिंह और राकेश सचान जैसे कुर्मी नेता हैं, सहयोगी दल की अनुप्रिया पटेल भी भाजपा के साथ हैं लेकिन चुनाव के समय उनकी अपनी डिमांड रहती है। हमेशा से अधिकतर यादव वोट सपा के साथ रहा है, दूसरे नंबर के कुर्मी वोट के साथ दूसरे बैकवर्ड वोटों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने यह नाम चुना है। वैसे तो औपचारिक तौर पर कल प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी लेकिन दूसरा कोई नामांकन न होने से उनका नाम तय हो गया है, प्रदेश के बैकवर्ड वोट को बड़ा संदेश देने के लिए उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने पर बड़े आयोजन की योजना है। कल जब उनके नाम की घोषणा होगी प्रदेश भर के भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहेंगे और यहीं से सबको चुनाव में जुटने का निर्देश भी मिलेगा।