न्यूज प्लस डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब पर रण जारी है, दिल्ली पुलिस ने अनछपी किताब का हवाला देते हुए कई आपराधिक धाराओं के साथ एपआईआर दर्ज की है। किताब पब्लिश करने वाली कंपनी पेंगुईन ने कहा है कि किसान अभी तक छपी नहीं है, जबकि खुद नरवणे कह रहे हैं कि किताब छप चुकी है।
पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने अपने कार्यकाल के दौरान हुए वाक्यों पर किताब लिखी है, इन्हीं वाक्यों को लेकर राहुल गांधी संसद और उसके बाहर में सरकार पर लगातार हमलावर हैं। सरकार का कहना है कि अनछपी किताब पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती, जबकि राहुल गांधी छपी हुई किताब दिखा रहे हैं। जब उन्हें संसद में इस मुद्दे पर बोलने का मौका नहीं दिया गया तो समूचे विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ आरोप लगाए और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया। ओम बिरला ने भी अविश्वास प्रस्ताव के निस्तारण तक सदन में जाने से मना कर दिया है।
किसाब पर नई बहस तब शुरू हुई जब दिल्ली पुलिस ने अनछपी किताब को लेकर एपआईआर दर्ज कर ली। पेंगुइन ने कहा किसी के पास किताब का कोई हिस्सा किसी भी रूप में मौजूद है तो यह कॉपी राइट है। सरकार और पेंगुइन के जवाब में राहुल गांधी ने वह पोस्ट दिखायी जिसमें खुद नरवणे ने लोगों से किताब खरीदने के लिए अपील की है, राहुल गांधी का दावा है कि किताब तो 2024 में ही छप चुकी है।
सरकार और पेंगुइन के बाद अब दिल्ली पुलिस भी कह रही है कि किताब छपी नहीं तो उसका प्रचार-प्रसार कैसे हो रहा है। पुलिस के अनुसार जो भी किताब लेकर घूम रहा है गलत है, यानी राहुल गांधी भी दिल्ली पुलिस की निगाह में अपराधी हैं। अब सभी की नजर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा पर है।



