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रेप केस में तीस हजारी कोर्ट से आशीष कपूर को जमानत, मोबाइल लोकेशन ऑन रखने की शर्त

रेप केस में तीस हजारी कोर्ट से आशीष कपूर को जमानत, मोबाइल लोकेशन ऑन रखने की शर्त

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने टीवी अभिनेता आशीष कपूर को रेप मामले में जमानत दे दी है। आशीष कपूर, जो 'ये रिश्ता क्या कहलाता है', 'सरस्वतीचंद्र', और 'मोल्क्की' जैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में अपने अभिनय के लिए जाने जाते हैं, उन्हे पुणे, महाराष्ट्र से 2 सितंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के अनुसार, एक 24 वर्षीय महिला, जो दिल्ली के पंजाबी बाग में रहती है और एक प्राइवेट फर्म में इवेंट मैनेजर के रूप में काम करती है, ने आशीष कपूर और उनके कुछ दोस्तों पर गंभीर आरोप लगाए। महिला का दावा है कि 11 अगस्त 2025 को एक हाउस पार्टी में उसे नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया गया और फिर उसके साथ कथित रूप से गैंगरेप किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना का वीडियो बनाया गया और उसे धमकी दी गई कि अगर उसने शिकायत की तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा।

महिला की शिकायत के आधार पर 11 अगस्त 2025 को दिल्ली के सिविल लाइन्स थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 376D (गैंगरेप), और 323 (चोट पहुंचाने) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद, दिल्ली पुलिस ने आशीष कपूर को पुणे से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमें दिल्ली से गोवा और फिर पुणे भेजी गई थीं।

कोर्ट का फैसला और जमानत की शर्तें

10 सितंबर 2025 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) भूपिंदर सिंह ने आशीष कपूर को 1 लाख रुपये के जमानत बांड और इतनी ही राशि के सिक्योरिटी बांड पर जमानत दी। कोर्ट ने जमानत देते समय कई सख्त शर्तें लगाईं।

मोबाइल लोकेशन ऑन रखना: आशीष कपूर को अपने मोबाइल फोन को हमेशा चालू रखना होगा और उसकी लोकेशन सर्विस ऑन रखनी होगी, ताकि उन पर नजर रखी जा सके। उन्हें मामले से जुड़े किसी भी गवाह या पीड़िता को प्रभावित करने या धमकाने की कोशिश करने से मना किया गया है। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि आशीष ने जांच में सहयोग किया है और अब उनकी जांच के लिए आवश्यकता नहीं है।

    कोर्ट ने अपने फैसले में जांच में कुछ खामियों की ओर भी इशारा किया। उदाहरण के लिए, पुलिस ने पीसी रिमांड के दौरान आशीष के मोबाइल फोन को बरामद करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया और न ही कोई कानूनी तलाशी ली गई। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी माना कि आशीष दिल्ली के स्थायी निवासी हैं और समाज में उनकी अच्छी स्थिति है।

    आशीष कपूर के वकील की दलील

    आशीष कपूर के वकील दीपक शर्मा, रवीश डेढ़ा, राजन ओबेरॉय, और सोमेश ओबेरॉय ने कोर्ट में दलील दी कि शिकायतकर्ता ने पैसे वसूलने के इरादे से झूठा मामला दर्ज कराया है। वकील ने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता ने इससे पहले जनकपुरी थाने में अपने मकान मालिक के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की थी, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए।

    जांच में क्या हुआ?

    पुलिस ने आशीष कपूर को गिरफ्तार करने के बाद 4 दिन की रिमांड पर लिया था, जिसके बाद 6 सितंबर को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस दौरान, 5 सितंबर को उनका पोटेंसी टेस्ट एम्स में कराया गया, जो रेप मामलों में महत्वपूर्ण सबूत के रूप में माना जाता है। यह टेस्ट तब किया जाता है जब आरोपी खुद को नपुंसक बताकर बचने की कोशिश करता है। हालांकि, इस टेस्ट के परिणामों की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों की जांच की, जिसमें पता चला कि आशीष और पीड़िता एक साथ वॉशरूम में गए थे। इसके बाद विवाद हुआ जब दरवाजा नहीं खुला और पार्टी में मौजूद अन्य मेहमानों ने शोर मचाया।

    आशीष कपूर का करियर

    40 वर्षीय आशीष कपूर टीवी इंडस्ट्री में एक जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने 'ये रिश्ता क्या कहलाता है', 'सरस्वतीचंद्र', 'देखा एक ख्वाब', 'सात फेरे', 'श्श्श... कोई है', और 'बंदिनी' जैसे धारावाहिकों में काम किया है। उनकी गिरफ्तारी ने उनके प्रशंसकों को झटका दिया है, और कई लोग इस मामले पर विश्वास करने को तैयार नहीं हैं।

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