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गणपति बप्पा मोरिया न कहने पर विवादों में घिरे अली गोनी, बोले- हमारे धर्म में मूर्ति पूजा की अनुमति नहीं...

गणपति बप्पा मोरिया न कहने पर विवादों में घिरे अली गोनी, बोले- हमारे धर्म में मूर्ति पूजा की अनुमति नहीं...

टीवी इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता और पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट अली गोनी हाल ही में एक विवाद के चलते सुर्खियों में हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब गणेश चतुर्थी के उत्सव के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह अपनी गर्लफ्रेंड जैस्मिन भसीन और दोस्त निया शर्मा के साथ गणेश पूजा में शामिल हुए थे।

मुंबई में गणेश चतुर्थी के उत्सव के दौरान अली गोनी, जैस्मिन भसीन और निया शर्मा एक दोस्त के घर गणपति दर्शन के लिए पहुंचे थे। इस मौके पर कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। एक वीडियो में जैस्मिन और निया गणेश जी की आरती के दौरान उत्साहपूर्वक "गणपति बप्पा मोरया" का जयकारा लगा रही थीं, लेकिन अली गोनी चुप रहे। वीडियो में यह भी दिखा कि जैस्मिन ने अली को जयकारा लगाने के लिए प्रेरित किया, लेकिन उन्होंने असहज दिखते हुए चुप्पी साध ली और दूसरी ओर देखने लगे।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने अली की आलोचना शुरू कर दी और इसे उनके धर्म (इस्लाम) से जोड़कर हिंदू-मुस्लिम विवाद का रूप दे दिया। कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर जैस्मिन मस्जिद में अबाया पहनकर जा सकती हैं, तो अली को भी गणपति का जयकारा लगाना चाहिए था।

वीडियो में जैस्मिन और निया "गणपति बप्पा मोरया" का जयकारा लगाते नजर आए, जबकि अली चुपचाप खड़े रहे और उन्होंने यह नारा नहीं लगाया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हुई और कुछ यूजर्स ने इसे उनके धर्म से जोड़कर ट्रोल करना शुरू कर दिया।

https://twitter.com/VigilntHindutva/status/1962930990059577453?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1962930990059577453%7Ctwgr%5E0499b697e61d47405a440afc73cbc39f1d3e2716%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.patrika.com%2Ftv-news%2Faly-goni-reaction-on-why-avoiding-ganpati-bappa-said-not-allowed-in-my-religion-19926545

अली गोनी का जवाब

लगातार ट्रोलिंग और आलोचनाओं के बाद अली गोनी ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी और फिल्मीज्ञान को दिए एक इंटरव्यू में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह इतना बड़ा मुद्दा बन जाएगा। यह मेरा पहला मौका था जब मैं गणपति उत्सव में शामिल हुआ था। मुझे नहीं पता था कि वहां क्या करना है। मैं अपने ख्यालों में खोया हुआ था और हमेशा इस बात का डर रहता है कि कहीं अनजाने में कोई गलती न हो जाए।"

अली ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके धर्म में मूर्ति पूजा की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारे धर्म में पूजा-वगैरह नहीं की जाती। हमारी एक ही मान्यता है कि हम नमाज पढ़ते हैं और प्रार्थना करते हैं। लेकिन कुरान में यह साफ लिखा है कि हमें हर धर्म का सम्मान करना चाहिए, और मैं पूरे दिल से ऐसा करता हूं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और उनकी मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी।

ट्रोलिंग और धमकियां

अली ने सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग पर भी दुख जताया। उन्होंने बताया कि कुछ लोग न केवल उन्हें, बल्कि जैस्मिन और उनके परिवार, विशेष रूप से उनकी मां को भी अपशब्द कह रहे हैं। उन्होंने कहा, "मुझे अपने लिए फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मेरा दिल साफ है, लेकिन मेरे परिवार को इन सब में घसीटना गलत है।" अली ने यह भी खुलासा किया कि इस विवाद के चलते उन्हें धमकियां तक मिल रही हैं।

निया शर्मा का समर्थन

इस विवाद में अली के समर्थन में उनकी दोस्त और टीवी अभिनेत्री निया शर्मा भी सामने आईं। निया ने सोशल मीडिया पर अली का पक्ष लेते हुए ट्रोलर्स की आलोचना की और कहा कि अली का इरादा किसी का अपमान करना नहीं था। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे को बढ़ाने के बजाय आपसी सम्मान और समझदारी दिखाने की अपील की।

जैस्मिन और अली का रिश्ता

अली गोनी और जैस्मिन भसीन टीवी इंडस्ट्री के सबसे चर्चित जोड़ों में से एक हैं। दोनों ने बिग बॉस 14 में एक साथ हिस्सा लिया था और अपने रिश्ते को हमेशा खुलकर स्वीकार किया है। हालांकि, अलग-अलग धर्मों से होने के कारण उन्हें अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है। इस बार भी कुछ यूजर्स ने जैस्मिन के मस्जिद में अबाया पहनने की घटना को इस विवाद से जोड़ा, जिस पर अली ने स्पष्ट किया कि जैस्मिन ने मस्जिद में प्रवेश के लिए अबाया खरीदा था, और इसे गलत तरीके से पेश किया गया।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने अली की आलोचना की, जबकि अन्य ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि किसी को अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन करने का पूरा अधिकार है। एक एक्स पोस्ट में लिखा गया, "अगर जैस्मिन नमाज पढ़ सकती हैं, तो अली गणपति बप्पा मोरया क्यों नहीं कह सकते? यह धर्मनिरपेक्षता हमेशा एकतरफा क्यों होती है?" वहीं, कुछ यूजर्स ने अली का बचाव करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेना और न लेना व्यक्तिगत पसंद है।

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