समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने नेपाल में हाल के हिंसक प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि यदि भारत में 'वोट की डकैती' जारी रही, तो पड़ोसी देश की तरह यहां भी जनता सड़कों पर उतर सकती है। यह बयान लखनऊ में सपा मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान आया, जहां अखिलेश यादव ने लाल रंग की सिख पगड़ी पहनकर सिख समाज का सम्मान भी स्वीकार किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव लाल रंग की सिख पगड़ी में नजर आए, जिसे सिख समाज ने उन्हें सम्मान के तौर पर पहनाया। उन्होंने सिख समाज की बहादुरी और मेहनत की सराहना करते हुए कहा, "सिख समाज की वीरता के चर्चे पुराने हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से समाज में जगह बनाई है।" इस मौके पर सिख समाज ने सात मीटर लंबी पगड़ी बांधकर उनका स्वागत किया।
अखिलेश यादव ने नेपाल में चल रहे तनाव और प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की स्थिति को केवल एक पहलू से नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा, "नेपाल में कई मुद्दे हैं, जैसे गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई। सोशल मीडिया के दौर में कोई सीमा नहीं है, और वहां की नई पीढ़ी अपनी बात खुलकर सामने रख रही है।" उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारत सरकार पड़ोसी देशों और सीमाओं पर शांति बनाए रखने में नाकाम रही है। "हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि पड़ोसी देशों में शांति हो, लेकिन सरकार की विदेश नीति बार-बार असफल हो रही है," अखिलेश ने कहा।
चुनाव आयोग को दी चेतावनी
सपा प्रमुख ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कहीं भी वोट चोरी न हो। अगर वोट की डकैती होती रही, तो पड़ोसी देशों की तरह जनता यहां भी सड़कों पर उतर सकती है।" अखिलेश ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करना चाहिए और वह "भाजपा का जुगाड़ आयोग" नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कुंदरकी और रामपुर जैसे उपचुनावों का हवाला देते हुए दावा किया कि वहां प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठे।
उत्तर प्रदेश में बिगड़ती स्थिति पर तंज
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार, अपहरण और डिजिटल अरेस्ट के मामले में देश में सबसे आगे है। लोग मुख्यमंत्री आवास के बाहर जहर खाकर जान दे रहे हैं। पंचायती राज में 60 प्रतिशत कमीशन चल रहा है।" उन्होंने भाजपा नेताओं को "खोखला" करार देते हुए कहा कि उनके पास कोई काम नहीं है और वे केवल सत्ता के लिए अंदरूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी उठाए सवाल
अखिलेश ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जब से भाजपा की सरकार आई है, हर क्षेत्र में गिरावट देखने को मिल रही है। सैफई, केजीएमयू, लोहिया और पीएचसी-सीएचसी जैसे स्वास्थ्य केंद्रों की हालत खराब है।" उन्होंने गोंडा में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और गाजीपुर में एक भाजपा कार्यकर्ता की हिरासत में मौत का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा।
सोशल मीडिया और जनता की ताकत
अखिलेश ने सोशल मीडिया की ताकत पर भी जोर दिया और कहा कि आज की पीढ़ी अपनी बात खुलकर सामने रख रही है। उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया के इस दौर में कोई सीमा नहीं है। जनता अपनी आवाज उठा रही है, और अगर अन्याय हुआ तो वह सड़कों पर उतरकर जवाब देगी।



