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राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा मे शामिल हुए अखिलेश यादव, तेजस्वी को लगाया गले

राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा मे शामिल हुए अखिलेश यादव, तेजस्वी को लगाया गले

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव द्वारा शुरू की गई वोटर अधिकार यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। 30 अगस्त 2025 को यह यात्रा सारण जिले में पहुंची, जहां समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी शामिल हुए। इस दौरान अखिलेश यादव का तेजस्वी यादव से गले मिलना और तीनों नेताओं का एक साथ रोड शो विपक्षी एकजुटता का मजबूत संदेश दे गया। यह यात्रा बिहार की सियासत में एक ऐतिहासिक पल बन गई, जिसने महागठबंधन और इंडिया गठबंधन की ताकत को प्रदर्शित किया।

30 अगस्त 2025 को वोटर अधिकार यात्रा अपने 14वें दिन सारण जिले के एकमा से शुरू हुई। सुबह 8 बजे एकमा से शुरू होकर यह यात्रा छपरा के विभिन्न मार्गों से होती हुई भोजपुर जिले के आरा तक पहुंची। इस दौरान राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव ने एक खुली जीप में सवार होकर जनता का अभिवादन किया। यात्रा के रास्ते को बैनर, पोस्टर और तोरण द्वारों से सजाया गया था, और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। सारण में इस यात्रा का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें 20 स्वागत प्वाइंट बनाए गए थे।

सारण की ऐतिहासिक धरती पर इस यात्रा को लेकर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक आंदोलनों की धरती करार दिया। राजद जिला अध्यक्ष सुनील राय ने कहा, “सारण की जनता पूरी तरह महागठबंधन के साथ खड़ी है। यह यात्रा मतदाताओं के अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत करेगी।

तेजस्वी से गले मिले अखिलेश यादव

अखिलेश यादव 29 अगस्त को पटना पहुंचे और 30 अगस्त को यात्रा में शामिल होने के लिए सीवान से सारण के लिए रवाना हुए। सारण में अखिलेश यादव का तेजस्वी यादव से गले मिलना इस यात्रा का एक भावनात्मक और प्रतीकात्मक क्षण था, जो विपक्षी गठबंधन की एकता को दर्शाता है। अखिलेश ने इस मौके पर कहा, “मैं वोटर अधिकार यात्रा में शामिल होने आया हूं। बिहार की जनता को इसके समर्थन के लिए बधाई देता हूं। इस बार बिहार से जो आवाज उठ रही है, वह यह है कि बीजेपी बिहार से बाहर होने वाली है।”

अखिलेश ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग अब जुगाड़ आयोग बन गया है। बीजेपी ने संविधान के अधिकारों का हनन किया है। हमने बीजेपी को अवध में हराया है, अब मगध में भी हराएंगे।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस यात्रा का उद्देश्य वोट चोरी के खिलाफ जनता को जागरूक करना है, क्योंकि “वोट चुराना जनता का सबसे बड़ा अपमान है।

https://twitter.com/INCIndia/status/1961675682305433620

यात्रा का उद्देश्य

वोटर अधिकार यात्रा का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और SIR प्रक्रिया के खिलाफ जनजागरूकता फैलाना है। राहुल गांधी ने अपनी यात्रा के दौरान बार-बार आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर गरीब, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, किसान और मजदूर वर्ग के वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा रहे हैं। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, “BJP को SIR से कोई शिकायत क्यों नहीं है? क्या उनके वोटरों के नाम नहीं काटे गए? यात्रा में अब तक हज़ारों ऐसे लोगों से मिला हूं जिनके नाम SIR में वोटर लिस्ट से हटा दिए गए।”

तेजस्वी यादव ने भी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “ये लोग शुरू से हिंसक रहे हैं। इनके पूर्वज गोडसे हैं, जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की। इनकी पार्टी में रेपिस्ट और भ्रष्टाचारी शामिल हैं।” उन्होंने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह जनता के दिलों में प्रवेश कर चुकी है और बीजेपी में खलबली मचा दी है।

विपक्षी एकजुटता का संदेश

इस यात्रा में अखिलेश यादव का शामिल होना इंडिया गठबंधन और महागठबंधन की एकता को और मजबूत करता है। इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी इस यात्रा में शामिल हो चुके हैं, जिसने सत्ता पक्ष के खिलाफ विपक्ष का बिगुल बजा दिया था। अखिलेश यादव के शामिल होने को बिहार में महागठबंधन के मुस्लिम-यादव (M-Y) समीकरण को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) में तब्दील करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। खासकर भोजपुरी बेल्ट में अखिलेश की मौजूदगी से विपक्ष को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

यात्रा में अन्य नेताओं जैसे वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, भाकपा माले के दीपांकर भट्टाचार्य और कांग्रेस के सचिन पायलट की मौजूदगी ने भी इस आंदोलन को व्यापक समर्थन दिया। आरा में होने वाली जनसभा में 750 खिलाड़ियों ने भी 14 किलोमीटर तक यात्रा में हिस्सा लिया, जिससे माहौल और उत्साहपूर्ण हो गया।

कब होगा यात्रा का समापन

वोटर अधिकार यात्रा 16 दिनों में 1300 किलोमीटर का सफर तय करते हुए बिहार के 23 से 30 जिलों से गुजरी। इसका समापन 1 सितंबर 2025 को पटना के गांधी मैदान में एक विशाल रैली के साथ होगा, जिसमें इंडिया गठबंधन के कई बड़े नेता शामिल होंगे। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “यह यात्रा अब राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नियंत्रण में नहीं है; यह लोगों के दिलों में प्रवेश कर चुकी है। यह बीजेपी के लिए परेशानी का कारण बन गई है।

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