आम आदमी पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। पार्टी ने इस बारे में राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भेजकर जानकारी दे दी है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि अब उन्हें सदन में पार्टी की ओर से बोलने के लिए समय न दिया जाए।
अशोक मित्तल को मिली जिम्मेदारी
पार्टी ने राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को राज्यसभा में नया उप नेता नियुक्त किया है। अशोक मित्तल पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और अब वे पार्टी की ओर से सदन में अहम भूमिका निभाएंगे। इस बदलाव को अचानक लिया गया बड़ा फैसला माना जा रहा है।
लंबे समय से चल रही थीं अटकलें
राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच मतभेद की खबरें पहले से ही सामने आ रही थीं। हालांकि पार्टी की ओर से कभी भी आधिकारिक रूप से इस पर कुछ नहीं कहा गया। लेकिन अब इस फैसले के बाद यह माना जा रहा है कि दोनों के बीच दूरी बढ़ गई थी।
राघव का पार्टी में बड़ा कद
राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के शुरुआती नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने 2012 में अरविंद केजरीवाल के साथ काम शुरू किया था। धीरे-धीरे उनका कद बढ़ता गया और वे पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सबसे कम उम्र के कोषाध्यक्ष भी बने।
राजनीतिक सफर रहा अहम
राघव चड्ढा ने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2020 में उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतकर वापसी की। साल 2022 में वे 33 साल की उम्र में राज्यसभा के सबसे युवा सांसद बने और पार्टी के संसदीय कामकाज में अहम भूमिका निभाई।
अब आगे क्या होगा
फिलहाल पार्टी की ओर से इस फैसले के पीछे की वजह साफ नहीं की गई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आम आदमी पार्टी में आगे क्या रणनीति बनती है और राघव चड्ढा की भूमिका भविष्य में कैसी रहती है।
