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मिडिल ईस्ट तनाव का असर फिल्मों पर: ‘टॉक्सिक’ की रिलीज टली, कई बड़े प्रोजेक्ट्स की शूटिंग पर संकट

मिडिल ईस्ट तनाव का असर फिल्मों पर: ‘टॉक्सिक’ की रिलीज टली, कई बड़े प्रोजेक्ट्स की शूटिंग पर संकट

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध जैसे हालात अब वैश्विक फिल्म इंडस्ट्री पर भी असर डालने लगे हैं। एयरलाइन सेवाओं में बाधा, अंतरराष्ट्रीय तकनीशियनों की आवाजाही में दिक्कत और गल्फ देशों में अनिश्चित माहौल के कारण कई बड़े फिल्म प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हैं। इसी कड़ी में अभिनेता Yash की बहुप्रतीक्षित फिल्म Toxic की रिलीज भी टाल दी गई है।

फिल्म पहले 19 मार्च 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर 4 जून 2026 कर दिया गया है। फिल्म निर्माताओं का मानना है कि गल्फ देशों में मौजूदा हालात के कारण प्रमोशन, रिलीज और कमाई पर असर पड़ सकता है।

गल्फ मार्केट पर निर्भरता बनी बड़ी वजह

दुबई, यूएई और अन्य खाड़ी देश दक्षिण भारतीय फिल्मों के लिए बड़ा बाजार माने जाते हैं। यहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिसके कारण फिल्में अच्छी कमाई करती हैं।

ऐसे में जब क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तो फिल्म रिलीज, प्रमोशन और शूटिंग शेड्यूल पर सीधा असर पड़ता है। कई फिल्मों के गानों और एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग भी गल्फ देशों में होनी थी, जिन्हें फिलहाल रोक दिया गया है।

एयर ट्रैवल और तकनीकी टीमों पर असर

फिल्म प्रोडक्शन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यवधान के कारण कलाकारों और क्रू के आवागमन में कठिनाई हो रही है।

स्टंट और विजुअल इफेक्ट्स के लिए विदेश से आने वाले तकनीशियन भी समय पर सेट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसका असर कई फिल्मों के पोस्ट-प्रोडक्शन और शूटिंग शेड्यूल पर पड़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार अगर तनाव लंबा चला तो Priyanka Chopra की आगामी फिल्म Varanasi समेत कई अन्य प्रोजेक्ट भी प्रभावित हो सकते हैं।

बड़े बजट की फिल्मों पर भी खतरा

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का कहना है कि कई बड़े प्रोजेक्ट इस समय तकनीकी चरण में हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सहयोग रुकने से काम धीमा पड़ सकता है।

Allu Arjun और Atlee के आगामी प्रोजेक्ट्स के अलावा Ranbir Kapoor की फिल्म Ramayana पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि इसके कई बड़े VFX सीक्वेंस अभी तैयार होने बाकी हैं।

युद्ध के बीच भी जारी है शूटिंग

हालांकि कुछ देशों में फिल्म और टीवी प्रोडक्शन पूरी तरह नहीं रुके हैं। इजरायल के एक टीवी प्रोड्यूसर ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि कई बार एयर रेड सायरन के बीच भी शूटिंग जारी रखनी पड़ती है।

इजरायली ब्रॉडकास्टर Keshet ने भी युद्ध के बीच अपने लोकप्रिय कार्यक्रमों का प्रसारण जारी रखा है। सुरक्षा कारणों से कई शो बिना दर्शकों के रिकॉर्ड किए जा रहे हैं।

जॉर्डन और यूएई में प्रोडक्शन जारी

मिडिल ईस्ट के कुछ फिल्म स्टूडियो का कहना है कि वे युद्ध के बावजूद अपने प्रोजेक्ट जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं।

जॉर्डन के ओलिववुड स्टूडियो का दावा है कि क्षेत्र में पहले भी कई युद्ध और संकट के दौरान अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। यहां हॉलीवुड की चर्चित फिल्में Dune: Part Two और John Wick: Chapter 4 के कुछ हिस्सों की शूटिंग में भी सहयोग किया गया था।

यूएई और सऊदी अरब के स्टूडियो का कहना है कि फिलहाल वहां प्रोडक्शन गतिविधियां सीमित प्रभाव के साथ जारी हैं।

कलाकारों और इंडस्ट्री पर आर्थिक असर

टीवी और फिल्म अभिनेता Gajendra Chauhan का कहना है कि युद्ध का असर सिर्फ युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उससे जुड़े व्यापारिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों पर भी पड़ता है।

उनके मुताबिक मिडिल ईस्ट में अक्सर भारतीय कलाकारों के शो, कॉन्सर्ट और फिल्म शूटिंग होती रहती है। जब वहां हालात बिगड़ते हैं तो सबसे पहले मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम स्थगित या रद्द हो जाते हैं, जिससे कलाकारों और तकनीकी टीमों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

आने वाले हफ्ते तय करेंगे दिशा

फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि असली परीक्षा आने वाले हफ्तों में होगी। अंतरराष्ट्रीय प्रोड्यूसर, इंश्योरेंस कंपनियां और निवेशक क्षेत्र में शूटिंग के जोखिम का आकलन कर रहे हैं।

अगर तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो कई बड़े फिल्म प्रोजेक्ट की रिलीज डेट और शूटिंग शेड्यूल में बदलाव देखने को मिल सकता है।

Ankit Awasthi

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