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सोना-चांदी में बड़ा झटका, 13 दिन में चांदी 27 हजार टूटी, जानिए आज क्या हैं नए रेट

सोना-चांदी में बड़ा झटका, 13 दिन में चांदी 27 हजार टूटी, जानिए आज क्या हैं नए रेट

सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली है। मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर कारोबार शुरू होते ही दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे आ गए। सबसे ज्यादा असर चांदी पर दिखा, जहां एक ही दिन में कीमतों में 4400 रुपये प्रति किलो से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर टिकी हुई है।

13 दिन में ₹27 हजार से ज्यादा टूटी चांदी
सरकार की ओर से इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के ऐलान के बाद चांदी के दामों में तेज उछाल आया था। 13 मई को चांदी का भाव 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद बाजार का रुख बदल गया और लगातार गिरावट देखने को मिली। अब 13 दिनों के भीतर चांदी करीब 27 हजार रुपये प्रति किलो से ज्यादा टूट चुकी है। मंगलवार को भी इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

हाई लेवल से काफी नीचे पहुंचा भाव
चांदी ने इस साल जनवरी में रिकॉर्ड तेजी दिखाई थी और अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंची थी। लेकिन अब ताजा गिरावट के बाद इसकी कीमत अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 1.85 लाख रुपये प्रति किलो नीचे आ चुकी है। बाजार में लगातार आ रहे बदलावों के कारण निवेशकों के बीच भी सतर्कता बढ़ गई है।

सोने में भी दिखी कमजोरी
सिर्फ चांदी ही नहीं बल्कि सोने की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर मंगलवार को 24 कैरेट सोना अपने पिछले बंद भाव से नीचे खुला। सोने की कीमत भी अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे पहुंच चुकी है। पिछले कुछ दिनों में सोना भी लगातार दबाव में दिखाई दिया है और इसमें भी गिरावट का सिलसिला बना हुआ है।

मई में फिर भी बढ़त में दोनों धातुएं
हालांकि हाल की गिरावट के बावजूद अगर मई महीने के पूरे प्रदर्शन पर नजर डालें, तो सोना और चांदी दोनों अभी भी पिछले महीने के मुकाबले महंगे चल रहे हैं। अप्रैल के अंत की तुलना में दोनों कीमती धातुओं में अब भी अच्छी बढ़त बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि बीच में तेजी और गिरावट दोनों का असर देखने को मिला।

बाजार पर क्या है असर?
जानकार मानते हैं कि वैश्विक हालात, आयात नीतियां और निवेशकों की रणनीति कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करती हैं। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है और निवेशकों की नजर अगले बड़े संकेतों पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और मांग पर निर्भर करेगी।

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