Menu
देश राजनीति खेल मनोरंजन धर्म अपराध ऑटो ट्रेंडिंग धर्म ब्रेकिंग न्यूज़ व्यापार स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान बिहार पंजाब ब्लॉग लॉगिन
ब्रेकिंग
भारत-घाना के बीच दो बड़े MoU, विज्ञान, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में सहयोग होगा मजबूत RBI का बड़ा फैसला: रेपो रेट 5.50% हुआ, बढ़ सकती है Loan और EMI की लागत राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद फिर हिरासत में, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन से बढ़ा सियासी तनाव चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में ₹10,000 करोड़ के SME Growth Fund को कैबिनेट की मंजूरी, छोटे-मध्यम कारोबारों को मिलेगा ग्रोथ कैपिटल देश में परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को एकीकृत करने की दिशा में बड़ा कदम, ITLA को कैबिनेट की मंजूरी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की कूटनीतिक पहल तेज, दोनों देशों के संपर्क में नई दिल्ली भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में फिलहाल गतिरोध, समझौते की राह हुई मुश्किल सुप्रीम कोर्ट में SIR और चुनाव आयोग के कामकाज पर सुनवाई, Form 6 को लेकर CJI की अहम टिप्पणी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत जारी, दोनों देशों के बीच सहमति बनाने की कोशिश भारत-घाना के बीच दो बड़े MoU, विज्ञान, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में सहयोग होगा मजबूत RBI का बड़ा फैसला: रेपो रेट 5.50% हुआ, बढ़ सकती है Loan और EMI की लागत राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद फिर हिरासत में, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन से बढ़ा सियासी तनाव चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में ₹10,000 करोड़ के SME Growth Fund को कैबिनेट की मंजूरी, छोटे-मध्यम कारोबारों को मिलेगा ग्रोथ कैपिटल देश में परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को एकीकृत करने की दिशा में बड़ा कदम, ITLA को कैबिनेट की मंजूरी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की कूटनीतिक पहल तेज, दोनों देशों के संपर्क में नई दिल्ली भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में फिलहाल गतिरोध, समझौते की राह हुई मुश्किल सुप्रीम कोर्ट में SIR और चुनाव आयोग के कामकाज पर सुनवाई, Form 6 को लेकर CJI की अहम टिप्पणी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत जारी, दोनों देशों के बीच सहमति बनाने की कोशिश

खराब पानी का ये वायरस चुपचाप कर सकता है लिवर फेल! AIIMS डॉक्टर की वैक्सीन वाली सलाह जान लीजिए

खराब पानी का ये वायरस चुपचाप कर सकता है लिवर फेल! AIIMS डॉक्टर की वैक्सीन वाली सलाह जान लीजिए

अगर आप बाहर का खाना खाते हैं या साफ पानी को लेकर लापरवाही करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। हेपेटाइटिस A वायरस दूषित पानी और भोजन के जरिए शरीर में पहुंचता है और सीधे लिवर पर हमला करता है। दिल्ली एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. शालीमार के मुताबिक कई मामलों में यह संक्रमण इतना गंभीर हो सकता है कि मरीज को एक्यूट लिवर फेलियर तक हो सकता है। इसलिए इसे सामान्य संक्रमण समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कैसे फैलता है यह वायरस?

डॉक्टरों के अनुसार यह वायरस गंदे पानी, दूषित भोजन और खराब साफ-सफाई वाले माहौल में तेजी से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के शरीर में पहुंचने के बाद यह लिवर में सूजन पैदा करता है। खास बात यह है कि लक्षण दिखने से पहले भी संक्रमित व्यक्ति दूसरों तक वायरस फैला सकता है। यही वजह है कि समय पर सावधानी और स्वच्छता बेहद जरूरी मानी जाती है।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

हेपेटाइटिस A होने पर आंखें और त्वचा पीली पड़ सकती हैं। इसके अलावा बुखार, कमजोरी, भूख कम लगना, उल्टी, जी मिचलाना, पेट के दाईं ओर दर्द, दस्त और गहरे रंग का पेशाब भी इसके प्रमुख लक्षण हैं। अगर ऐसे संकेत दिखाई दें तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए, क्योंकि समय पर इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

बच्चों और बड़ों में अलग दिखते हैं असर

विशेषज्ञ बताते हैं कि छोटे बच्चों में कई बार इस बीमारी के स्पष्ट लक्षण दिखाई ही नहीं देते। लेकिन किशोरों और वयस्कों में संक्रमण ज्यादा गंभीर हो सकता है। इस उम्र में पीलिया, तेज कमजोरी, बुखार और लिवर से जुड़ी दिक्कतें तेजी से बढ़ सकती हैं। इसलिए परिवार के सभी सदस्यों को इस बीमारी के बारे में जागरूक रहना चाहिए।

कैसे होती है जांच और क्या है बचाव?

हेपेटाइटिस A की पुष्टि ब्लड टेस्ट से की जाती है। इस जांच में शरीर में मौजूद HAV एंटीबॉडी की पहचान की जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि इससे भी ज्यादा जरूरी बचाव है। साफ पानी पीना, स्वच्छ भोजन करना और हाथों की सफाई रखना संक्रमण से बचने के आसान लेकिन असरदार तरीके हैं।

AIIMS डॉक्टर ने वैक्सीन पर दिया जोर

डॉ. शालीमार के मुताबिक हेपेटाइटिस A से बचने का सबसे प्रभावी तरीका वैक्सीन लगवाना है। यह टीका भारत में उपलब्ध है, लेकिन अभी भी बहुत से लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। डॉक्टर की सलाह पर समय रहते वैक्सीन लगवाने से इस खतरनाक वायरस से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। खासकर बच्चों, किशोरों और जोखिम वाले लोगों के लिए यह सुरक्षा का मजबूत उपाय माना जाता है।

टिप्पणियाँ (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। सबसे पहले टिप्पणी करें!