भारतीय घरों में लंच या डिनर के बाद फल खाने की परंपरा आम है। मीठा खाने की इच्छा होने पर लोग मिठाई की जगह फल चुनते हैं, जो एक बेहतर विकल्प माना जाता है। लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार खाना खत्म करते ही फल खाना हमेशा सही नहीं होता। इससे पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है और शरीर में असहजता महसूस हो सकती है।
डाइजेशन पर पड़ता है असर
विशेषज्ञों के मुताबिक तरबूज जैसे फलों में करीब 92 प्रतिशत पानी होता है और यह बहुत जल्दी पच जाते हैं। वहीं बिरयानी या भारी भोजन में फैट, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होते हैं, जिन्हें पचने में 3 से 4 घंटे लगते हैं। ऐसे में अगर आप भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाते हैं तो पाचन प्रक्रिया गड़बड़ा सकती है, जिससे गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या इससे खतरा हो सकता है
एक्सपर्ट्स साफ कहते हैं कि बिरयानी और तरबूज को साथ या तुरंत खाने से शरीर में जहर नहीं बनता। शरीर अलग-अलग तरह के खाद्य पदार्थों को पचाने में सक्षम होता है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार भोजन के साथ कुछ चीजों का संयोजन सही नहीं माना जाता, इसलिए सावधानी जरूरी है ताकि पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
फल खाने का सही समय
डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि लंच या डिनर के बाद फल खाने से पहले कम से कम एक घंटे का अंतर रखना चाहिए। उदाहरण के तौर पर अगर आपने रात 8 बजे खाना खाया है, तो 9 बजे के बाद फल खाना बेहतर होता है। इससे शरीर को भोजन पचाने का समय मिल जाता है और फल भी सही तरीके से डाइजेस्ट हो पाते हैं।
किन चीजों से बचना जरूरी
खाने के तुरंत बाद फल खाने के साथ-साथ कोल्ड ड्रिंक या सोडा पीना भी नुकसानदायक हो सकता है। इससे पेट में केमिकल रिएक्शन जैसी स्थिति बन सकती है। इसके अलावा आम या मीठे फलों के साथ भारी भोजन लेने से ओवरइटिंग की समस्या भी बढ़ सकती है, जिससे उल्टी या मतली हो सकती है।
तरबूज खाने के खास नियम
तरबूज खाने के बाद तुरंत पानी पीना सही नहीं माना जाता, इससे उल्टी की समस्या हो सकती है। इसे बहुत ठंडा करके खाने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे गले और पाचन पर असर पड़ सकता है। कटे हुए तरबूज को ज्यादा देर तक नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं। सही समय और संतुलित मात्रा में फल खाने से ही इसका पूरा फायदा मिलता है।
