न्यूजप्लस डेस्क, कानपुर। जेके औद्योगिक घराने की जेके जूट मिल यानी जीयो जूट मिल बिकेगी। बिक्री से आए धन से चार हजार मजदूरों को बकाया दिया जाएगा। मिल पर 275 करोड़ का बकाया है। बोली लगाने के लिए अभी तक आधा दर्जन कम्पनियों ने टेण्डर भरे हैं, इसमें जेके घराना भी शामिल है। कल यानी 12 जनवरी को इसकी बोली लगेगी।
जूट मिल 2003 से पहले जेके ग्रुप की थी , लेकिन बाद में कोलकाता के सारडा घराने ने इसे खरीद लिया पर वह मिल को चला नहीं पाया। इस बीच , मजदूरों का बकाया बढ़ाता ही जा रहा था तो इसे राष्ट्रीय कम्पनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया। न्यायाधिकरण ने अंतिरम समाधान पेशेवर यानी आईआरपी पद पर दीपक कुमार अग्रवाल को नियुक्त कर दिया। आईआरपी ने जूट का अधिग्रहण करने के बाद कालपी रोड स्थित मिल का 10.5 एकड़, जरीब चौकी पर सात बंगले(27 सौ वर्गमीटर) और बिहार में जूट की खेती के लिए कटिहार, पूर्णिया, अररिया, गुलाबबाग और पारिसिसगंज की 15 एकड़ जमीन भी अपने कब्जे में ले ली।
बोली लगाने के लिए अभी तक सारडा की विजन कॉम्प्टेक, यदु इंटरनेशनल, प्लेटिना रियल एस्टेट, ओडिशा मेटलिंक,, शाइन स्टार बिल्ड कैप, रोहित कुमार देवरा-आके देवरा ने टेण्डर भरे हैं। जेके जूट मिल मोर्चा के महामंत्री राजू प्रसाद ने बताया कि 650 करोड़ की जूट मिल की परिसम्पतियां चिह्नित हुईं हैं। जिनकी नीलामी होगी। इसी से सभी को बकाया दिया जाएगा।
