मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुबई के पुराने और व्यस्त इलाके डेरा में एक अलग ही तस्वीर दिखाई दे रही है। आसमान में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें भले सुर्खियों में हों, लेकिन जमीन पर जिंदगी ने रफ्तार धीमी नहीं की है। माहौल में सतर्कता जरूर है, मगर डर का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर हावी होता नहीं दिख रहा।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है। हालांकि संयुक्त अरब अमीरात अब तक इस संघर्ष के सीधे बड़े असर से काफी हद तक बचा हुआ है, लेकिन युद्ध की आहट यहां भी महसूस की जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं और लोग भी क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
दुबई के डेरा इलाके में कदम रखते ही यह साफ दिखाई देता है कि शहर ने सतर्कता और सामान्य जीवन के बीच संतुलन बना लिया है। कुछ सड़कों पर ट्रैफिक पहले की तुलना में थोड़ा कम जरूर नजर आता है, लेकिन बाजारों की रौनक में कोई खास कमी नहीं दिखती। खासकर रमजान के महीने में इफ्तार के बाद का माहौल पहले जैसा ही जीवंत नजर आता है। दुकानें खुली हैं, लोग खरीदारी कर रहे हैं और कैफे व रेस्तरां में लोगों की आवाजाही जारी है।
डेरा में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और व्यापारी रहते हैं, जिनमें दक्षिण एशिया, अफ्रीका और मध्य एशिया के लोग शामिल हैं। यहां रहने वाले कई लोगों का कहना है कि वे हालात से पूरी तरह वाकिफ हैं, लेकिन घबराने की जरूरत महसूस नहीं कर रहे।
इलाके के निवासी महमूद का कहना है कि अगर कोई गंभीर खतरा होता है तो सरकार तुरंत जानकारी दे देती है। उनके अनुसार यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा मजबूत है। वहीं कई वर्षों से दुबई में कारोबार कर रहे भारतीय मूल के व्यापारी मुकुल बताते हैं कि मौजूदा तनाव के बावजूद उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं है। उनका मानना है कि प्रशासन ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हुए हैं।
इस बीच यूएई की वायु रक्षा प्रणाली लगातार सक्रिय बनी हुई है। हाल ही में देश की ओर दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को 17 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया गया, जिनमें से 16 को हवा में ही मार गिराया गया, जबकि एक मिसाइल समुद्र में जा गिरी। इसके अलावा 117 ड्रोन का भी पता चला, जिनमें से अधिकांश को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया।
हालांकि एक दुखद घटना में हवाई हमले का मलबा एक वाहन पर गिरने से चालक की मौत हो गई। संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक यूएई में चार विदेशी नागरिकों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 112 लोग घायल हुए हैं, जिनमें विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं।
घायलों में अमीराती, मिस्री, सूडानी, इथियोपियाई, फिलिपिनो, पाकिस्तानी, भारतीय, बांग्लादेशी, श्रीलंकाई और अन्य देशों के नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकतर लोगों को मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है।
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। Benjamin Netanyahu ने संघर्ष के अगले चरण में और कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं, जबकि Iran की ओर से भी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।
अब तक के संघर्ष में ईरान और लेबनान में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। इन हालात के बीच यूएई का रक्षा मंत्रालय हाई अलर्ट पर है और उसने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
इसके बावजूद दुबई के बाजारों और गलियों में दिखती हलचल यह संकेत देती है कि संकट के दौर में भी शहर की जीवनधारा थमी नहीं है। लोग सतर्क जरूर हैं, लेकिन उन्होंने डर को अपनी दिनचर्या पर हावी नहीं होने दिया। दुबई की यही जिजीविषा इस समय की सबसे बड़ी कहानी बनकर उभर रही है।
Ankit Awasthi
