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डब्ल्यूएचओ की भूमिका की जांच को 62 देशों के साथ भारत

[Edited By: Rajendra]

Monday, 18th May , 2020 11:43 am

डब्ल्यूएचओ की 73वीं विश्व स्वास्थ्य सभा (डब्ल्यूएचए) आज से शुरू होने जा रही है। इस वार्षिक बैठक के लिए यह मसौदा तैयार किया गया है। इसमें निष्पक्ष, स्वतंत्र और व्यापक जांच की बात कही गई है।

कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत के बाद से पहली बार भारत ने आधिकारिक रूप से स्टैंड लिया है और यूरोपीय यूनियन व ऑस्ट्रेलिया की ओर से जांच की मांग पर हस्ताक्षर किया है। कोरोना वायरस की शुरुआत पिछले साल चीन के मध्य में वुहान शहर से हुई थी। इस वायरस की चेपट में आकर 3 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

भारत के जांच के समर्थन में खड़े होने का एक अल्प संकेत उस समय मिला था, जब मार्च में हुए जी20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डब्ल्यूएचओ में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने जैसी आवश्यकताओं पर जोर दिया था। 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस बैठक के प्रस्तावित मसौदे को बांग्लादेश, कनाडा, रूस, इंडोनेशिया, साउथ अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, जापान सहित 62 देशों ने समर्थन है। हालांकि, इसमें चीन या वुहान शहर का जिक्र नहीं है।  यह उस वायरस के फैलाव को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने का प्रयास है, जिसने दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा संकट पैदा किया है।

कोरोना वायरस फैलने को लेकर पूर्व में डब्ल्यूएचओ और उसके डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अधानोम गेब्रेयेसस पर चीन का पक्ष लेने का भी आरोप लगाया गया था। कारण कि इथोपिया के पूर्व मंत्री साल 2017 में चीन के समर्थन से ही डब्ल्यूएचओ के प्रमुख बने थे। 

ड्राफ्ट में चीन या वुहान शहर का जिक्र नहीं किया गया है। WHO डायरेक्टर जनरल से कहा गया है कि वर्ल्ड ऑर्गेनाइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ के साथ मिलकर वायरस का स्रोत और मानव तक इस संक्रमण के पहुंचने का पता लगाया जाए।

इसमें WHO प्रमुख से कहा गया है कि कोविड-19 से मिले सीख और अनुभव की निष्पक्ष, स्वतंत्र और विस्तृत समीक्षा की जाए। कोविड-19 महामारी को लेकर WHO की ओर से उठाए गए कदमों, उपायों और उनके प्रभाव की समीक्षा की मांग की गई है।

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