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एचआईवी और एड्स में क्या है फर्क, जानें इनके लक्षण!

[Edited By: Vijay]

Tuesday, 1st December , 2020 12:36 pm

हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस पूरी दुनिया के लोगों को एड्स के बारे में जागरुक करने के लिए मनाया जाता है। एड्स ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी (एचआईवी) वायरस के संक्रमण के कारण होने वाला रोग है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने साल 1995 में विश्व एड्स दिवस के लिए एक आधिकारिक घोषणा की थी, जिसके बाद से दुनिया भर में विश्व एड्स दिवस मनाया जाने लगा। 

एड्स एक ऐसी बीमारी है जिसमें इंसान के शरीर में संक्रमण से लड़ने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। इतने सालों और कई शोध के बाद आज भी एड्स का न कोई प्रभावी इलाज है और न ही वैक्सीन है। कई लोगों को एड्स और एचआईवी में अंतर का पता नहीं होता। मानव इम्यूनोडिफ़िशिएंसी वायरस / एक्वायर्ड इम्यून डेफ़िसिएन्सी सिंड्रोम (एचआईवी / एड्स) (HIV/AIDS) को अक्सर एक ही माना जाता है। हालांकि, एचआईवी और एड्स न तो एक ही स्थिति हैं और न ही इनका निदान एक है। 

   क्या है एचआईवी और एड्स में अंतर

एचआईवी एक वायरस है जो सीडी 4, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में सफेद रक्त कोशिका का एक प्रकार पर हमला करता है। एक व्यक्ति जिसे एचआईवी पॉजिटिव पाया गया है उसे मामूली चोट या बीमारी से भी उबरना मुश्किल होगा। एचआईवी संक्रमण और बीमारी से लड़ने की शरीर की क्षमता को कम करता है। जबकि शरीर कई वायरस से लड़ने में सक्षम है। एचआईवी एक ऐसा वायरस है जिसे कभी भी शरीर से हटाया नहीं जा सकता है। 

दूसरी ओर, एड्स एक बीमारी है जो कई लक्षणों का कारण बनती है। एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति को समय पर एड्स के लक्षण विकसित होने की संभावना है अगर व्यक्ति एचआईवी के लिए उपचार नहीं लेते हैं। एक व्यक्ति को एड्स विकसित किए बिना एचआईवी हो सकता है, हालांकि एचआईवी के बिना एड्स विकसित करना संभव नहीं है।

एचआईवी क्या है?

हमारे शरीर में सीडी 4 कोशिकाएं या टी कोशिकाएं हैं, जो हमें स्वस्थ रखती हैं। एचआईवी इन कोशिकाओं पर हमला करता है और उनकी संख्या को कम करता है। इससे व्यक्ति बैक्टीरिया और वायरस से होने वाले संक्रमण की गिरस्त में आ जाता है। एंटीरेट्रोवायरल ड्रग थेरेपी की मदद से सीडी 4 कोशिकाओं के विनाश को नियंत्रित किया जा सकता है। आप स्तन के दूध, योनि द्रव, वीर्य और रक्त के सीधे संपर्क में आने से एचआईवी से संक्रमित हो सकते हैं। वायरस आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संभोग के ज़रिए, गर्भावस्था के दौरान मां से बच्चे के संक्रमण और एक इंजेक्शन का उपयोग कई लोगों के लिए करने से हो सकता है। 

 एचआईवी के लक्षण

एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति को ऐसा लगता है कि वह फ्लू से पीड़ित है। शुरुआती लक्षणों में थकान, सिरदर्द, बुखार, चकत्ते, रात में पसीना आना और गर्दन, कमर व लिम्फ नोड्स में सूजन शामिल हैं।

एड्स क्या है

जब एचआईवी का इलाज नहीं किया जाता है, तो इससे एड्स हो सकता है। एड्स एचआईवी का तीसरा और सबसे उन्नत चरण है। एक व्यक्ति जिसका एचआईवी का इलाज नहीं किया गया है, उसे एड्स विकसित होने की संभावना रहती है। एड्स होने से पहले एक व्यक्ति लगभग 10 से 15 साल तक एचआईवी वायरस के साथ रह सकता है।

 एड्स के लक्षण

रात को पसीना आना, अवसाद, याददाश्त में कमी, अचानक वज़न कम होना, बार-बार बुखार आना, निमोनिया, त्वचा, नाक, पलकें या मुंह पर धब्बे, बिना किसी कारण के थकान महसूस होना।

 

 

 

 

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