Trending News

भारतीय सीमा पर हालात 'कुल मिलाकर स्थिर और नियंत्रण में' - चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

[Edited By: Rajendra]

Wednesday, 27th May , 2020 04:21 pm

भारत और चीन के बीच लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर तनाव कायम है. दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर जारी गतिरोध के बीच चीन का बड़ा बयान आया है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि भारतीय सीमा पर हालात 'कुल मिलाकर स्थिर और नियंत्रण' में है. बता दें कि कोरोना काल में बीते कुछ दिनों से लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास कई इलाकों में भारतीय सैनिकों और चीनी सैनिकों के बीच टकराव की स्थिति है. दोनों ओर से सेना तैनात है.


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआन ने कहा कि सीमा से संबंधित मुद्दों पर चीन का रुख स्पष्ट और सुसंगत है. उन्होंने कहा, ''हम दोनों नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति और दोनों देशों के बीच हुए समझौते का सख्ती से पालन करते रहे हैं.''


वह चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो अनौपचारिक बैठकों के बाद उनके उन निर्देशों का जिक्र कर रहे थे जिनमें उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं को परस्पर विश्वास पैदा करने के वास्ते और कदम उठाने के लिए कहा था.

विदेश मंत्रालय के बयान से एक दिन पहले राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सबसे खराब स्थिति की कल्पना करते हुए सेना को युद्ध की तैयारियां तेज करने का आदेश दिया और उससे पूरी दृढ़ता के साथ देश की सम्प्रभुता की रक्षा करने को कहा.

लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच तनाव जारी है। तनाव का आलम ये है कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन और भारत की सेना फिर एक बार आमने-सामने है। भले ही चीन ने सीमा पर अपनी सेना की तैनाती बढ़ा दी है, मगर अब भारत भी पीछे नहीं रहने वाला है। भारत ने भी चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए कमर कस ली है और इसने चीनी सेना के बराबर अपनी सेना तैनात कर दी है। इस कदम के साथ भी भारत ने अपना स्टैंड स्पष्ट कर दिया है कि अब वह चीन से जारी गतिरोध से एक कदम भी पीछने हटने वाला नहीं है।

सूत्रों की मानें तो भारत ने यह फैसला भारतीय क्षेत्र में किसी भी तरह की चीनी घुसपैठ और भारतीय इलाके में स्थिति परिवर्तन की कोशिशों को नाकाम करने के उद्देश्य से लिया है। मजबूती और संयम के साथ चीनी चुनौती का सामना करने के लिए ही भारत ने भी अपनी सेना की संख्या बढ़ा दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक हुई। पीएम ने पूर्वी लद्दाख में गाल्वन घाटी और पैंगोंग झील इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनावपूर्ण स्थिति के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा की स्थिति का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और रक्षा विभाग के प्रमुख (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के साथ बैठक की। सीडीएस रावत ने लद्दाख में पीएम मोदी को सैन्य स्थिति से अवगत कराया और स्थिति को संभालने के सुझाव दिए।

भारतीय सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस इलाके में चीनी कार्रवाई का फोकस क्षेत्र पर हावी होना और भारत को दरबूक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी सड़क को पूरा करने से रोकना है। सड़क का निर्माण पूरा हो जाने के बाद भारत को एक बड़ा फायदा पहुंचेगा और सैन्य आवाजाही और सैन्य पहुंच आसान हो जाएगी। इस तनातनी का अहम हिस्सा दौलत बेग ओल्डी में एक पुल का निर्माण है, जिसे चीन रोकना चाहता है।

 

Latest News

World News