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अंबानी पर कड़ी कार्रवाई, SEBI ने ठोका करोड़ों का जुर्माना

[Edited By: Rajendra]

Saturday, 2nd January , 2021 02:56 pm

देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में से एक मुकेश अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, जो भारत में शेयर बाजार को नियंत्रित करता है, ने मुकेश अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज पर स्टॉक व्यवसाय में कुप्रबंधन के लिए 40 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज पर 25 करोड़ और अंबानी पर 15 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। मामला रिलायंस पेट्रोलियम के शेयरों की ट्रेडिंग से जुड़ा है। इसी मामले में नई मुंबई एसईजेड प्राइवेट लिमिटेड पर 20 करोड़ और मुंबई एसईजेड लिमिटेड पर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

रिलायंस पेट्रोलियम लिमिटेड का पूरा मामला वर्ष 2007 में है। जो नकद और वायदा खंड में रिलायंस पेट्रोलियम लिमिटेड के शेयरों की खरीद और बिक्री से संबंधित है। यह शेयरों की नकदी और भविष्य की खरीदारी में गड़बड़ी पाया गया है। नवी मुंबई एसईजेड प्राइवेट लिमिटेड 20 करोड़ और मुंबई सेज लिमिटेड को 10 करोड़ रुपये का जुर्माना देने को कहा गया है। रिलायंस पेट्रोलियम पहले अलग लिस्टेड कंपनी थी। कंपनी ने मार्च 2007 में रिलायंस पेट्रोलियम लिमिटेड में 4.1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। कंपनी के शेयर भाव गिरने लगे तो नवंबर 2007 में रिलायंस पेट्रोलियम के शेयर खरीदे-बेचे गए। सेबी ने जांच में पाया कि शेयरों के दाम प्रभावित करने के लिए यह खरीद-बिक्री गलत तरीके से की गई थी। रिलायंस पेट्रोलियम का 2009 में रिलायंस इंडस्ट्रीज में विलय कर दिया गया था।

आम निवेशकों को नहीं मालूम था कि इस ट्रेडिंग के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज है। सेबी ने 95 पेज के आॅर्डर में कहा है कि शेयरों की कीमत में किसी भी तरह के मैनिपुलेशन से बाजार में निवेशकों का भरोसा टूटता है, क्योंकि इस तरह के मैनिपुलेशन से निवेशकों को नुकसान होता है। सेबी के अनुसार, इस मामले में आम निवेशकों को यह नहीं मालूम था कि शेयरों की इस खरीद-बिक्री के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज थी। यह खरीद-बिक्री गलत तरीके से की गई, जिसका असर रिलायंस पेट्रोलियम के शेयरों पर हुआ। इससे आम निवेशक नुकसान में रहे।

सेबी ने इससे पहले 24 मार्च 2017 को रिलायंस इंड्स्ट्रीज और 12 प्रमोटर्स को 447 करोड़ रुपए जमा करने को कहा था। साथ ही उनके शेयर ट्रेडिंग करने पर रोक लगा दी थी। कंपनी ने इसके खिलाफ सिक्युरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील की थी। लेकिन नवंबर 2020 में ट्रिब्यूनल ने सेबी के फैसले को सही ठहराते हुए कंपनी की अपील खारिज कर दी थी। तब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा था कि वह ट्रिब्यूनल के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में रिलायंस इंड्स्ट्रीज ने कहा था कि शेयरों की ट्रेडिंग में किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है।

सुनवाई अधिकारी ने कहा कि कारोबार में गड़बडी से सही कीमत बाहर नहीं आती। उन्होंने कहा कि मेरा विचार है कि गड़बड़ी किए जाने वाले ऐसे कामों को सख्ती से निपटा जाना चाहिए ताकि पूंजी बाजार में इस प्रकार की गतिविधियों को रोका जा सके। इस बारे में फिलहाल आरआईएल से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

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