Trending News

प्रवासियों के मसीहा बने सोनू सूद, मुंबई में फंसे कर्नाटक के 350 से ज्यादा मजदूरों की मदद करते हुए उन्हें गुलबर्गा पहुंचाया

[Edited By: Rajendra]

Tuesday, 19th May , 2020 04:27 pm

कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार ने 31 मई तक लॉकडाउन को आगे बढ़ा दिया है। ऐसे में बहुत से लोग जहां हैं अभी तक वहीं फंसे हुए हैं। कई लोगों के सामने आर्थिक संकट भी उत्पन्न हो गया है। वहीं सबसे ज्यादा अगर किसी पर दुखों और परेशानियों का पहाड़ टूटा है तो वो है प्रवासी मजदूरों के सामने। एक शहर से दूसरे शहर तक जाने वाले मजदूरों की कई ऐसी तस्वीरें और वीडियों सामने आ रही हैं जिसे देख पाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है।

प्रवासियों के मसीहा बने सोनू सूद अब सोशल मीडिया पर आने वाले सारे संदेशों का जवाब दे रहे हैं। साथ ही उन लोगों को आश्वस्त भी कर रहे हैं कि उन तक मदद जरूर पहुंचेगी। सोनू के ट्विटर पर ऐसे एक या दो नहीं कई सारे मैसेज नजर आ रहे हैं, जिनमें मुंबई में लॉकडाउन के कारण फंसे हुए लोगों ने मदद की गुहार लगाई है।

प्रवासियों की घर वापसी का इंतजाम करने वाले सोनू ने बताया कि 'ये मेरे लिए बहुत भावुक यात्रा रही है क्योंकि इन लोगों को अपने घरों से दूर सड़कों पर घूमते हुए देख मुझे बहुत दुःख हुआ। मैं प्रवासियों को घर भेजना तब तक जारी रखूंगा जब तक कि आखिरी व्यक्ति अपने घर और चाहने वालों से न मिल जाए। ये काम वास्तव में मेरे दिल के करीब है और मैं इसमें अपना सबकुछ लगा कुछ दूंगा।

एक स्टूडेंट मुंबई में यातायात सेवाएं बंद हो जाने के फंसा हुआ है। ऐसे में उसने एक्टर सोनू सूद से उसे घर तक पहुंचाने के लिए मदद की गुहार लगाई है। उसने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर सोनू से मदद मांगी हैं। उस यूजन ने​ लिखा, 'सोनू सूद सर मैं स्टूडेंट हूं और मैं ठाणे में अटक गया हूं। कोई मेरी मदद नहीं कर रहा। मेरी मां बहुत बीमार है। उन्हें मेरी चिंता भी हो रही है। मुझे यूपी के गोरखपुर जाना है। आप मेरी आखिरी मदद की उम्मीद हो, प्लीज़ मेरी मदद कीजिए।'

उस स्टूडेंट के मदद मांगने के बाद सोनू सूद तुरंत आगे आए हैं। उन्हें स्टूडेंट के ट्वीट पर रीट्वीट करते हुए लिखा, 'अपनी मां को बता दो कि तुम जल्द ही उनसे मिलोगे।'

इससे पहले हाल ही में सोनू ने मुंबई में फंसे कर्नाटक के 350 से ज्यादा मजदूरों की मदद करते हुए उन्हें गुलबर्गा पहुंचाया था। इसके लिए 10 बसों का पूरा खर्चा उन्होंने ही उठाया था। तब भी उन्होंने दोनों राज्यों से सभी तरह की अनुमति लेने के बाद ये काम किया था।

रमजान के दौरान वंचित परिवारों के बीच खाना बंटवाने का भी इंतजाम किया है। वे भिवंडी क्षेत्र में प्रवासियों के लिए भोजन पहुंचा रहे हैं।

सोनू ने मुंबई स्थित अपने होटल को भी कोरोना से लड़ रहे मेडिकल स्टाफ को रहने के लिए दिया है।

इनके अलावा पंजाब में डॉक्टरों के लिए भी 1,500 से ज्यादा पीपीई किट का वितरण करवाया है।

Latest News

World News