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जानिए होम्योपैथिक क्लीनिक चलाने वाला संजय भंडारी कैसे बना करोड़पति, नेपाल के रास्ते भागा विदेश

[Edited By: Gaurav]

Saturday, 22nd June , 2019 01:19 pm

सीबीआई ने साल 2009 में 75 बेसिक ट्रेनर विमानों की खरीद में अनियमितता और भ्रष्टाचार (339 करोड़ रुपये की रिश्वत) के आरोपों के मामले में आर्म्स डीलर संजय भंडारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। संजय के आवास और दफ्तरों पर भी छापेमारी जारी है।  सीबीआई की तरफ से जो एफआईआर दर्ज की गई है उसमें हथियार डीलर संजय भंडारी की कंपनी का भी जिक्र किया गया है, जिसका ऑफिस दिल्ली के पंचशील पार्क में है। एफआईआर में कहा गया है कि कमीशन ऑफसेट सॉल्यूशन को दिया गया था जो कथित तौर पर संजय भंडारी की कंपनी थी। इस कंपनी को 1 मिलियन डॉलर दिए गए थे। संजय भंडारी प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा का करीबी है। 

संजय की कंपनी को सिंगापुर में स्थित बैंक अकाउंट के जरिए भुगतान किया गया था जिसे बाद में दुबई स्थित बैंक में ट्रांसफर किया गया। ईडी ने जब मामले की तहकीकात की थी तो पता चला कि संजय भंडारी ने इन पैसों से लंदन में एक प्रॉपर्टी खरीदी थी। ऐसा माना जा रहा है कि यह प्रॉपर्टी रॉबर्ट वाड्रा की है। खबरों के मुताबिक तब शेल कंपनियों के जरिए ब्लैकमनी को व्हाइट किया गया। हालांकि सीबीआई की एफआईआर में वाड्रा का नाम नहीं है।  

कई देशों में चलाता है कारोबार
साल 2015 में उसके ठिकानों पर हुई छापेमारी की दौरान आसमान में उड़ान के दौरान ही ईंधन भरने वाले विमानों की खरीद के लंबित प्रस्ताव से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए थे। ओआइएस कंपनी के नाम से भंडारी का कई देशों में कारोबार है। 

कुछ ही दिनों में करोड़पति बन गया

जांच एजेंसियों के अनुसार, हथियार के कारोबार में आने से पहले संजय भंडारी कनॉट प्लेस में पिता की होम्योपैथिक क्लिनिक चलाता था. वर्ष 2008 में उसका रसूख उस वक्त बढ़ा, जब डिफेंस कॉलोनी के एक प्रॉपर्टी डीलर ने हाइ-प्रोफाइल लोगों से उसकी मुलाकात करवायी। इसके बाद ही नेताओं और बड़े अधिकारियों की मदद से भंडारी ने हथियारों की डीलिंग शुरू कर दी। साउथ दिल्ली में रहने वाले भंडारी के घर पर छापे के दौरान ही पता चला था कि कुछ ही दिनों में वह कैसे करोड़पति बन गया। 

339 करोड़ की रिश्वत 
इससे पहले सीबीआई ने सौदे के संबंध में भंडारी के घर और दफ्तर में छापेमारी की थी।  सीबीआई ने स्विट्जरलैंड आधारित पिलैटस एयरक्राफ्ट लिमिटेड को खरीद में अनियमितताओं और 339 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोपों में भी आरोपी बनाया है।


नेपाल के रास्ते भागा विदेश
हथियार डीलर संजय भंडारी पर कई गंभीर आरोप हैं. साल 2016 में हथियार खरीद के एक मामले में आयकर विभाग ने भंडारी के घर पर छापा मारा था. इस दौरान भारतीय सेना से संबंधित कई गोपनीय दस्तावेज मिले थे। जांच एजेंसी उस पर शिकंज कसती, उससे पहले भंडारी नेपाल के रास्ते विदेश भाग गया। ऐसे कहा जाता है कि संजय भंडारी लंदन में है और सरकार उसके लाने की कोशिश कर रही है। 

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