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RBI के गवर्नर ने रेपो दर और रिवर्स रेपो दर में 40 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की

[Edited By: Rajendra]

Friday, 22nd May , 2020 11:31 am

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज (22 मई) प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारत की सकल घरेलू उत्पाद (2020-21) में निगेटिव रहेगी। शक्तिकांत दास ने कहा कि हालांकि साल के दूसरे हिस्से में ग्रोथ में कुछ तेजी दिख सकती है। इसके साथ ही शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना वायरस के वजह से अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है। रेपो रेट में कटौती करने का फैसला किया है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज रेपो रेट घटाने का ऐलान किया है। कोरोना संकट के बीच पैदा हुई विपरीत परिस्थितियों पर आरबीआई गवर्नर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। आरबीआई गवर्नर कोरोना संकट के बीच ग्राहकों को राहत देने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दे रहे हैं। गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने पॉलिसी रेट में कटौती का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि रेपो रेट में 40 आधार अंकों की कटौती का फैसला किया गया है और अब नया रेपो रेट 4.40 फीसदी से घटकर 4 फीसदी पर आ गया है। इससे भविष्य में लोन की ब्याज दरें घटेंगी और लोगों की सस्ती दर पर कर्ज मिल सकेगा। इसके साथ ही आरबीआई ने लोन की किस्त चुकाने में छूट का समय 3 महीने और बढ़ा दिया है। ग्राहकों को किस्त में छूट की स्कीम का अगस्त तक फायदा मिलता रहेगा।

आरबीआई गवर्नर ने रिवर्स रेपो रेट में भी 40 आधार अंकों की कटौती का ऐलान किया है। इस कटौती के बाद रिवर्स रेपो रेट 3.75 फीसदी से घटकर 3.35 फीसदी पर आ गया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि एमपीसी के 6 में से 5 सदस्यों ने रेपो रेट घटाने के फैसले का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस की वजह से दुनिया की अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है। अप्रैल में ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई घटकर 11 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। डब्ल्यूटीओ के मुताबिक, दुनिया में कारोबार इस साल 13-32% तक घट सकता है।

दास ने कहा कि आरबीआई देश की आर्थिक गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े हर सेगमेंट पर आरबीआई की टीम की निगरानी बना हुए है। इस आपदा के दस्तक देने के बाद आरबीआई ने लिक्विडिटी के मोर्चे पर कई फैसले लिए हैं। कोरोना के असर को देखते हुए 2020-21 की पहली छमाही में जीडीपी ग्रोथ निगेटिव रहने का अनुमान है। दूसरी छमाही में कुछ तेजी आ सकती है।

अमेरिका की ब्रोकरेज कंपनी गोल्डमैन साक्स के मुताबिक लॉकडाउन के बाद भारत की जीडीपी में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी- मार्च) तिमाही के मुकाबले भारत का सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी में 45 प्रतिशत गिर सकता है। लेकिन जैसे ही भारत में लॉकडाउन खत्म होगा जीडीपी में 20 फीसदी का उछाल देखने को मिल सकता है।

गोल्डमैन साक्स ने इससे पहले 0.4 प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान लगाया था जिसे बाद में उसने और बढ़ा कर पांच प्रतिशत कर दिया। जापानी ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा इसी दायरे की गिरावट का अनुमान लगाया है। गोल्डमैन साक्स के विश्लेषक ने लिखा है, वर्ष 2020- 21 के दौरान पांच प्रतिशत गिरावट का अनुमान जो हमने जारी किया है वह भारत में अब तक की सभी मंदियों के मुकाबले कहीं अधिक गहरा होगा।

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