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रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बिचौलियों और दलालों से टिकट न खरीदने की अपील की

[Edited By: Rajendra]

Thursday, 21st May , 2020 05:05 pm

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने देशभर के लोगों को एक बड़ी राहत देते हुए मंगलवार को 200 स्पेशल नॉन एसी ट्रेनों की सेवाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की है. इन ट्रेनों के लिए गुरुवार से बुकिंग भी शुरू हो गई है. इस बीच रेलमंत्री ने बताया कि शुक्रवार से ट्रेन टिकटों की बुकिंग देशभर में लगभग 1.7 लाख कॉमन सर्विस सेंटर पर शुरू होगी. लेकिन इससे भी अच्छी बात ये है कि अब आप ऑनलाइन के साथ ही रेलवे स्टेशन काउंटर से भी टिकट खरीद सकेंगे.

वहीं, अगले दो से तीन दिनों में कुछ चुनिंदा रेलवे स्टेशनों पर जाकर यात्री काउंटर रिजर्वेशन करा सकेंगे. इस संबंध में प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है.

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लॉकडाउन के चौथे चरण के बीच गुरुवार को बड़ा बयान देते हुए कहा है कि देश को अब सामान्य स्थिति की ओर ले जाने का समय आ गया है. इस दिशा में एक जून से देश के विभिन्न राज्यों से दो सौ ट्रेनों की शुरुआत होने वाली है. उन्होंने लोगों से बिचौलियों और दलालों से टिकट न खरीदने की अपील की है. कहा है कि अगर कोई टिकट की दलाली करता मिले तो हेल्पलाइन 138 पर संपर्क करें. पीयूष गोयल ने कहा कि लोगों को गर्व है कि देश ने पूरे विश्व में कोरोना वायरस की लड़ाई लड़ने का एक नया मॉडल स्थापित किया है.

रेल मंत्री ने जानकारी दी कि दोपहर 12 बजे तक वेबसाइट पर 73 ट्रेनें बुकिंग के लिए उपलब्ध थीं. अब तक 149025 टिकटें बुक की जा चुकी हैं. श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का जिक्र करते हुए रेलमंत्री गोयल ने कहा कि बुधवार तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से करीब 5 लाख प्रवासी मजदूर अपने घर लौट चुके हैं. ये हमारे लिए काफी चुनौती भरा मिशन था, लेकिन सरकार इसमें कामयाब हुई. पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन इस मिशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

गोयल ने कहा कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाने में यूपी सरकार काफी एक्टिव दिखी. मध्य प्रदेश, बिहार ने भी अच्छा काम किया. ओडिशा और बंगाल ने और श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की मांग की थी, लेकिन चक्रवाती तूफान अम्फान के कारण फिलहाल वहां रेल सेवा रोकी गई है. 23 मई के बाद से दोबारा श्रमिक स्पेशल ट्रेनें इन दोनों राज्यों में चलने लगेंगी.

रेल मंत्री ने बताया कि आज तक 2,050 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिए लगभग 30 लाख प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य स्टेशनों तक पहुंचाया गया है. रेलवे में आइसोलेशन वार्ड की कल्पना प्रधानमंत्री मोदी ने सामने रखी. उसके बाद हम तुरंत इस काम पर लग गए और एक प्रोटोकॉल के तहत करीब पांच हजार रेलवे के डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया गया. पीयूष गोयल ने कहा कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए भारतीय रेल ने योगदान दिया है. जनता कर्फ्यू के बाद से भारतीय रेल बंद थी इसके बाद धीरे-धीरे पहले 15 ट्रेन और फिर श्रमिक स्पेशन ट्रेन शुरू की. अब 1 जून से 200 और ट्रेन शुरू होने जा रही हैं. इस पूरे लॉकडाउन के दौरान भारतीय रेल प्रतिबद्ध रही है कि देश में कहीं भी अनाज की कमी न हो, खाद्यान्न की कमी न हो और कोयले की कमी न हो. लोगों को गर्व है कि इस देश ने पूरे विश्व में कोरोना वायरस की लड़ाई लड़ने का एक नया मॉडल स्थापित किया है.

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