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लखनऊ और गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम

[Edited By: Rajendra]

Monday, 13th January , 2020 12:53 pm

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कैबिनेट बैठक में लखनऊ और गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को मंजूरी दे दी है. लखनऊ में सुजीत पांडेय और नोएडा में आलोक सिंह पुलिस कमिश्नर होंगे। इसके साथ ही छह अन्य प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा उत्तर प्रदेश पुलिस की दृष्टि से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले 50 सालों से बेहतर और स्मार्ट पुलिसिंग के लिए पुलिस आयुक्त प्रणाली की मांग की जा रही थी. आज के समय में लखनऊ में करीब 40 लाख तथा गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में करीब 25 लाख के आसपास की आबादी है। लखनऊ में अभी तक कुल 40 थाना हैं। अब लखनऊ में पुलिस आयुक्त प्रणाली होगी। जिसमे एडीजी रैंक के अफसर पुलिस कमिश्नर होंगे। प्रदेश मे आयुक्त प्रणाली मेट्रोपॉलिटन सिटी में लागू होगी। इसके साथ ही दोनों जगह पर महिला एसपी रैंक की अधिकारी को अलग से नियुक्ति दी जाएगी। जिससे महिलाओ की सुरक्षा के लिए अलग से काम हो सके। उनके साथ एएसपी रैंक की अधिकारी भी रहेंगी। लखनऊ तथा गौतमबुद्धनगर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एसपी तथा एएसपी रैंक के अधिकारी तैनात होंगे। जिससे यातायात की व्यवस्था मजबूत हो।

सीएम योगी ने कहा कि एडीजे स्तर के अधिकारी पुलिस आयुक्त होंगे, जबकि 9 एसपी रैंक के अधिकारी तैनात होंगे. उन्होंने कहा कि एक महिला एसपी रैंक की अधिकारी महिला सुरक्षा के लिए इस सिस्टम में तैनात होगी.

यह फैसला जनता के हित में लिया गया ऐतिहासिक फैसला है। आम आदमी के लिए त्वरित न्याय, आम लोगों के दरवाजे पर ही मुहैया होगा। लगातार बेहतर हो रही कानून व्यवस्था को और और बेहतर करने में सरकार का बड़ा फैसला है। पुलिस कमिश्नर को मजिस्ट्रेट पावर भी होंगे। पुलिस कमिश्नर को मजिस्ट्रेट के साथ 15 और शक्तियां दी जा रही हैं।

नोएडा में डीआईजी रैंक के दो जॉइंट कमिश्नर होंगे। नोएडा को तीन जोन में बांटा जाएगा। नोएडा में एसपी स्तर के कुल छह अधिकारी तैनात किए जाएंगे। इनके साथ कुल 9 एडिशनल एसपी की भी तैनाती होगी। एसीपी के पद पर 15 डिप्टी एसपी तैनात होंगे। इसमें से 10 डिप्टी एसपी सर्किल में रहेंगे और बाकी पांच ट्रैफिक, अपराध, अभिसूचना और मुख्यालय की जिम्मेदारी संभालेंगे।

लखनऊ में एडीजी स्तर के अधिकारी को कमिशनर बनाया गया। उनके साथ आईजी रैंक दो अधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर होंगे। यह एडिशनल कमिश्नर (लॉ एंड आर्डर) और एडमिन की जिम्मेदारी संभालेंगे। पूरे शहर को पांच जोन में बांटा जाएगा, एसपी स्तर के आईपीएस ऑफिसर तैनात किए जाएंगे। चार एसपी रैंक के अधिकारी होंगे जो सुरक्षा, अभिसूचना, ट्रैफिक और क्राइम की जिम्मेदारी संभालेंगे। इन सभी एसीपी के साथ एक-एक एडिशनल एसपी तैनात होंगे। लखनऊ में डीसीपी के पद पर 26 सीओ तैनात होंगे। इनमें 14 सीओ सर्किल की और बाकी के 12 सीओ ऑफिस, ट्रैफिक, क्राइम और इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी संभालेंगे।

प्रदेश में लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में पुलिस कमिश्नर प्रणाली बतौर पायलेट प्रोजेक्ट लागू किए जाने पर चर्चा शुरू हुई थी। माना जा रहा है कि लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में इस प्रणाली की सफलता के आधार पर अन्य बड़े शहरों में भी कदम बढ़ाए जाएंगे।

अवध और पूर्वांचल के कई जिलों से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का नाम बदलकर 'सरयू' करने की तैयारी है नेपाल से होते हुए घाघरा भारत में ब्रह्मघाट पर शारदा से मिलती है और यहां से इसे घाघरा के नाम से जाना जाता है। यूपी सरकार केंद्र को नाम बदलने का प्रस्ताव भेजने की तैयारी में है कैबिनेट में इसे मंजूरी मिल सकती है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों डिप्टी सीएम, सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह और श्रीकांत शर्मा, जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, डीजीपी ओपी सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी तथा निदेशक सूचना शिशिर सिंह भी मौजूद थे।

 

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