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पाकिस्तान के आर्मी चीफ और आईएसआई चीफ सऊदी अरब में

[Edited By: Rajendra]

Tuesday, 18th August , 2020 04:04 pm

नाराज सऊदी अरब को मनाने के लिए पाकिस्तान के आर्मी चीफ और आईएसआई चीफ रियाद में हैं। सऊदी अरब इन दिनों इमरान खान से इतना नाराज है कि पाकिस्तान से अरबों डॉलर का कर्ज चुकाने को कह डाला है और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रोक दी है। इस नाराजगी की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने हाल ही में सऊदी पर तीखा हमला किया था। अब पाकिस्तान इस कोशिश में है कि किसी तरह हाथ-पैर जोड़ कर सऊदी को मना ले, जिससे उसका दाना-पानी बंद ना हो।

इमरान सरकार के खिलाफ पाकिस्तान में शहर-शहर लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। कंगाल पाकिस्तान को सऊदी अरब ने 10 हजार वोल्ट का ऐसा झटका दिया कि प्रधानमंत्री इमरान खान बिलबिलाने लगे। बात हाथ से निकलती देख पाकिस्तान के आर्मी जनरल कमर जावेद बाजवा ने मोर्चा संभाला और आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद के साथ रियाद की फ्लाइट पकड़ ली।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके मंत्रियों की बयानबाजी से सऊदी अरब बहुत नाराज है। इतना खफा कि पाकिस्तान को मिलने वाली तेल की सप्लाई और कर्ज दोनों रोक दिया। इमरान खान ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के वो ड्राइवर तक बने, उनकी पूरी कैबिनेट इस्लामाबाद में प्रिंस सलमान के स्वागत में बिछ गयी थी, वही क्राउन प्रिंस सलमान पाकिस्तान के खिलाफ इतना बड़ा और कड़ा फैसला ले लेंगे।

बात इतनी बगड़ गई कि जनरल बाजवा और आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज सीधे रियाद पहुंच गए। अब ये समझना भी जरुरी है कि बाजवा सऊदी प्रिंस सलमान को कैसे मनाएंगे?

1. पाकिस्तान के बड़बोले मंत्रियों को हटाने का भरोसा दे सकते हैं

2. इमरान खान खुद सऊदी प्रिंस सलमान से माफी मांग सकते हैं

3. रियाद की भावनाओं के हिसाब से काम करने का भरोसा दे सकते हैं

4. राहत पैकेज लेने के इनकार। पाकिस्तान कह सकता है कि उसे सऊदी अरब का राहत पैकेज नहीं दोस्ती चाहिए

5. ईरान से जुड़ी खुफिया सूचनाएं देने का भरोसा दे सकते हैं

दरअसल, पिछले साल जून में पाकिस्तान कंगाल होने की कगार पर था। ऐसे में पाकिस्तान को IMF और एशियन डेवलपमेंट बैंक लोन देने तो तैयार हुए, लेकिन दोनों संस्थाओं ने कर्ज के लिए शर्तें बेहद सख्त रखी। ऐसे में इमरान ने सऊदी अरब से मदद के लिए गुहार लगाई। सऊदी अरब ने 6.2 अरब डॉलर का लोन मंजूर किया। पाकिस्‍तान को 3 अरब डॉलर का का सामान्य कर्ज मिला। जबकि 3.2 अरब डॉलर पेट्रोल-डीजल क्रेडिट के तौर पर दिए। पाकिस्तान को सऊदी अरब से मिला कर्ज साल भर में चुकाना था, लेकिन अब तक पाकिस्तान की सिर्फ एक ही किस्त यानी 1 अरब डॉलर चुका पाया है, वो भी चीन से कर्ज लेकर।

पाकिस्तान न तो सऊदी अरब का कर्ज लौटा पा रहा है। न ही इस्लामाबाद के हुक्मरान रियाद की उम्मीदों पर खरा उतर पा रहे हैं। इमरान खान को सऊदी प्रिंस की नज़रों से पहले ही उतर चुके हैं। ऐसे में इमरान ने अपने मुल्क को बचाने के लिए जनरल बाजवा और आईएसआई चीफ को आगे कर दिया है।

सऊदी अरब के हालात भी बहुत अच्छे नहीं हैं। कोराना की वजह से तेल की सप्लाई कम हुई है, जिससे सऊदी अरब की कमाई बहुत घट गयी है। पिछले महीने में सबसे बड़ी ऑयल कंपनी सऊदी अरामको के मुनाफे में 72% की कमी आई। ऐसे में सऊदी अरब पाकिस्तान पर कर्ज चुकाने का दबाव बना रहा है।

इमरान खान की मजबूरी ये है कि उनके पास सऊदी अरब का कर्ज चुकाने के लिए फूटी कौड़ी भी नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि शायद ही सऊदी प्रिंस सलमान से जनरल बाजवा को कोई खास राहत मिले। अगर सऊदी प्रिंस का ह्दय परिवर्तन हो भी गया तो भी पाकिस्तान को इतनी ही राहत मिलेगी कि कुछ दिन बाद EMI चुका दें।

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