Trending News

अब इस बैंक में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने जा रही सरकार

[Edited By: Rajendra]

Friday, 16th October , 2020 02:04 pm

केंद्र सरकार IDBI बैंक में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। एक मीडिया रिपोर्ट ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार ने आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी पूरी कर ली है। अब इसपर सिर्फ कैबिनेट से सैद्धांतिक मंजूरी लेनी बाकी है. वहीं, हिस्सेदारी बेची जाने की बात पर बैंक के ग्राहकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, सरकारी हिस्सेदारी बेचने का ग्राहकों पर कोई असर नहीं होगा. बैंक में सभी कामकाज पूर्व की भांति ही होंगे.

मसौदा कैबिनेट नोट पर परामर्श पूरा हो गया है। पिछले साल, बैंक ने भारतीय जीवन बीमा निगम और सितंबर में सरकार से इक्विटी पूंजी में 9,300 करोड़ रुपये का निवेश किया था ताकि बैंक को संकट से बाहर निकाला जा सके।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईडीबीआई बैंक की स्थापना 1964 में हुई थी और यह एक सरकारी बैंक था। एलआईसी ने आईडीबीआई बैंक में 21000 करोड़ रुपये का निवेश किया था और 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके बाद, LIC और सरकार द्वारा इस बैंक को 9300 करोड़ रुपये दिए गए। इसमें एलआईसी की 4,743 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी थी।

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित मंत्रालयों के साथ इस मामले में परामर्श भी किया गया है। LIC IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहता है। गौरतलब है कि एलआईसी में 51 प्रतिशत और सरकार के पास आईडीबीआई बैंक में 47 प्रतिशत है।

गौरतलब है कि आईडीबीआई यानी औद्योगिक विकास बैंक भारत के प्रमुख बैंकों में से एक सरकारी बैंक है. भारतीय रिजर्व बैंक ने इसे अन्य बैंक की तरह सरकारी बैंक की मान्यता दी है. सरकार ने 22 जून 1964 को अधिसूचना जारी कर 1 जुलाई 1964 को इसकी स्थापना की थी. एलआईसी ने इसमें 21 हजार करोड़ निवेश कर 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी. जिसके बाद तकनीकी रूप से आईडीबीआई बैंक एक प्राइवेट बैंक बन गया है.

 

Latest News

World News