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निर्भया गैंगरेप केस : मुकेश ने राष्ट्रपति-उपराज्यपाल को दया याचिका दायर की

[Edited By: Rajendra]

Wednesday, 15th January , 2020 01:23 pm

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्भया के दो दोषी, मुकेश और पवन की क्यूरेटिव पिटीशन को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अब फांसी की सजा से राहत की गुहार लगाने के लिए उन दोनों के सारे कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं। दोषी मुकेश और पवन के पास अब एक आखिरी रास्ता बचा है। क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के बाद भी दोनों दोषी राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर कर सकते हैं।

तिहाड़ जेल के सूत्रों के मुताबिक, निर्भया के दोषी विनय के बाद अगर दूसरा अधिक परेशान होने वाला मुकेश था. बाकी पवन और अक्षय शांत और चुप थे. क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के बाद मुकेश ने शाम को ही दिल्ली हाईकोर्ट में डेथ वॉरंट को चुनौती दी और राष्ट्रपति-उपराज्यपाल को दया याचिका भी भेज दी. डेथ वॉरंट को चुनौती देने वाली मुकेश की याचिका पर हाईकोर्ट में आज दोपहर सुनवाई होनी है.

तिहाड़ जेल के सूत्रों के मुताबिक, शाम को विनय ने अपने पिता से मुलाकात की. ये मुलाकात जेलर ऑफिस में हुई. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान विनय कई बार फफक-फफक कर रो पड़ा. उसने पिता से खुद को एक बार गले लगाने की भी गुजारिश की. जेल सूत्रों के मुताबिक, दोषी विनय अपने पिता से मुलाकात के दौरान दो बार लड़खड़ाकर गिरने वाला था. हालांकि, जेल कर्मियों ने उसे संभाल लिया. इन चारों की सेल में टीवी लगा हुआ है, जहां वे न्यूज़ देखते रहते हैं. टीवी के जरिए ही विनय और मुकेश को क्यूरेटिव पिटीशन के खारिज होने की खबर मिली.

ये मामला दिसंबर 2012 का है. जब चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल स्टूडेंट के साथ छह लोगों ने गैंगरेप किया था. इस दौरान सभी ने मिलकर उसके साथ क्रूरतम व्यवहार किया था और उसे घायल अवस्था में मरने के लिए सड़क पर फेंक दिया था. घटना के कुछ दिनों बाद 'निर्भया' की इलाज के दौरान मौत हो गई थी.

इस मामले में निचली अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्‍हें फांसी की सजा सुनाई थी. इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. हाईकोर्ट ने 13 मार्च 2014 को चारों दोषियों की अपील भी खारिज कर दी थी. शीर्ष अदालत ने वर्ष 2017 में दोषियों की याचिका खारिज कर दी थी. हाल ही में पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों का डेथ वॉरंट जारी कर दिया.

 

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