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धड़कनें बढ़ा देने वाली एक स्पाय थ्रिलर है: लंडन कॉन्फिडेंशियल

[Edited By: Vijay]

Saturday, 19th September , 2020 12:46 pm

फिल्म लंडन कॉन्फिडेंशियल एक अनोखी सिचुएशनल जासूसी थ्रिलर फिल्म है। भारत के सबसे पॉपुलर अपराध कथा लेखक एस हुसैन जैदी ने फिल्म की कहानी कोरोना महामारी के बाद की पृष्ठभूमि में रची है। फिल्म में मौनी रॉय और पूरब कोहली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनके अतिरिक्त, कुलराज रंधावा, सागर आर्य, परवेश राणा, जस बिनाग, दिलजोन सिंह और किरेन जोगी सहायक भूमिकाओं में हैं। फिल्म अजय जी राय और मोहित छाबड़ा द्वारा निर्मित और कंवल सेठी द्वारा निर्देशित है।

भारतीय जासूसों को जानकारी मिलती है कि कोविड-19 से भी ज्यादा खतरनाक कोई वायरस भारत-चीन सीमा पर फैलाए जाने की तैयारी है। और इसके पीछे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े लोगों का हाथ है। रॉ के भारतीय जासूसों ने चीन में अपने सोर्स के जरिए यह जानकारी हासिल की है और लंदन में होने वाली एक कॉन्फ्रेंस से पहले चीनी सोर्स के माध्यम से उन्हें इस संबंध में पुख्ता और अंतिम सबूत मिलने वाले हैं, लेकिन इससे पहले ही भारतीय अंडरकवर एजेंट का चीनी गुप्तचर एजेंट अपहरण करके हत्या कर देते हैं। लंदन में भारतीय जासूसी संस्था रॉ की अधिकारी उमा को शक है कि उनके बीच के किसी गद्दार ने यह जानकारी चीनियों तक पहुंचाई है।

उमा पर लंदन में भारतीय दूतावास की राजदूत निरुपमा, रॉ के अंडरकवर एजेंट अर्जुन और रॉ के टेकेनिकल एक्सपर्ट के साथ मिलकर भारत में वायरस का संक्रमण फैलाने की चीनियों की साजिश का पर्दाफाश करने के साथ ही अपने बीच मौजूद गद्दार का पता लगाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आखिर कौन है ये गद्दार, क्या यह भारतीय दूतावास का कोई कर्मचारी है या खुद राजदूत निरूपमा का पति अभय दत्ता ही चीनियों के साथ मिला हुआ है। उमा को यह भी सावधानी बरतनी है कि भारत और चीन के बीच किसी गलतफहमी के चलते युद्ध की स्थिति निर्मित न होने पाए। इन सबके बीच उमा, अर्जुन और निरुपमा के व्यक्तिगत जीवन में भी उथलपुथल चलती रहती है। लंदन की खूबसूरत पृष्ठभूमि के बीच शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ फिल्म का हर सीन बेहतरीन बनाने की कोशिश की गई है।

यह फिल्म ओटीटी प्लेटफार्म पर किसी बड़े बजट की हॉलीवुड फिल्म का मज़ा देती है और कई बार लगता है कि आप जेम्स बॉन्ड की फिल्म हिंदी में देख रहे हैं। हर सीन के साथ सस्पेंस और थ्रिल बढ़ता जाता है, जो फिल्म के अंत र तक बरकरार रहता है। कैसे उमा और अर्जुन लंदन में होने वाली कॉन्फ्रेंस से पहले चीनी साजिश के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाते हैं और अपने बीच के गद्दार का पता लगाते हैं और इस सबके बीच क्या-क्या सनसनीखेज घटनाएं घटती हैं

 इस फिल्म के जरिए मौनी राय ने ओटीटी प्लेटफार्म पर एक जासूस के रूप में शानदार एंट्री की है। वहीं पूरब कोहली ने अपने मंझे हुए अभिनय से एक जिंदादिल और सेंस ऑफ ह्यूमर से भरपूर अंडरकवर ऐजेंट के किरदार में जान फूंक दी है। फिल्म में कुलराज रंधावा ने भारतीय राजदूत का रोल संजीदगी से निभाया है। शरद केलकर ने फिल्म में अतिथि भूमिका निभाई है। हालिया कोरोना संकट और भारत चीन के बीच के तनाव के कारण दर्शकों को इस फिल्म के साथ जुड़ने की एक और वजह मिलती है।

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