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जानें जीएसटी के मोर्चे पर सरकार ने व्यापारियों को क्या राहत दी

[Edited By: Rajendra]

Monday, 24th August , 2020 04:52 pm

वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी के मोर्चे पर सरकार ने व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्रालय ने अब 40 लाख रुपये तक के सालााना कारोबार करने वाले व्यापारियों को जीएसटी से मुक्त कर दिया है। इससे पहले यह सीमा 20 लाख रुपये थी। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की पहली पुण्यतिथि पर वित्त मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए कहा, 'अब, 40 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारी जीएसटी से मुक्त हैं। शुरुआत में यह सीमा 20 लाख रुपये थी। इसके अतिरिक्त, 1.5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले कारोबारी कंपोजिशन स्कीम का विकल्प चुन सकते हैं और केवल भुगतान कर सकते हैं।'

वित्त मंत्रालय ने व्यापारियों को दी जाने वाली GST छूट का दायरा डबल कर दिया है। पहले 20 लाख रुपए के सालाना कोरोबार पर GST की छूट थी, जिसे अब बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 1.5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले लोग कंपोजिशन स्कीम का विकल्प चुन सकते हैं और केवल 1% कर का भुगतान कर सकते हैं। वित्त मंत्रालय के अनुसार, जीएसटी लागू होने के बाद टैक्सपेयर बेस लगभग दोगुना हो गया है। इसे लागू किए जाते समय GST द्वारा कवर किए गए एसेसिज की संख्या लगभग 65 लाख थी। अब यह बढ़कर 1.24 करोड़ से अधिक हो गई है। जीएसटी में सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से स्वचालित हैं।

इस बीच रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा है कि छोटी और मध्यम अवधि में देश की आर्थिक वृद्घि की संभावनाएं अभी धुंधली हैं। लॉकडाउन के बाद जो आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, उनका ज्यादा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए, क्योंकि वे बिना किसी प्रयास के हैं।

कोविड-19 महामारी के बाद से भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति संकटपूर्ण बनी हुई है। वित्त वर्ष 2017-18 में देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्घि दर सात प्रतिशत थी, जो कोरोना संकट शुरू होने से पहले 2018-19 में घटकर 6.1 प्रतिशत और 2019-20 में 4.2 प्रतिशत रह गई। सुब्बाराव ने कहा, 'जिन आर्थिक पुनरूद्घार के संकेतों का आप जिक्र कर रहे हैं, मुझे नहीं लगता कि उसका ज्यादा मतलब निकालना चाहिए। हम जो भी देख रहे हैं, वह लॉकडाउन के दौरान आर्थिक गतिविधियों के मुकाबले में सुधार है। यह यंत्रवत है।'

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